दैनिक भास्कर हिंदी: पुनर्मूल्यांकन की फीस के लिए फेल करने का लगाया आरोप

December 3rd, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के प्रशासन पर लॉ के विद्यार्थियों ने आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों के अनुसार नागपुर विश्वविद्यालय ने पुनर्मूल्यांकन शुल्क वसूलने के लिए जानबूझ कर उन्हें परीक्षा में फेल किया है। इसी मुद्दे को लेकर  विद्यार्थियों के शिष्टमंडल ने नागपुर  कुलगुरु डॉ. सुभाष चौधरी से मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दूसरे दिन आने को कह कर लौटा दिया गया। इन्हीं में से एक छात्र  प्रीतम खंडाते  के अनुसार नागपुर विवि पुनर्मूल्यांकन की 200 रुपए प्रति विषय के हिसाब से फीस ले रहा है। इसके बदले उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा विद्यार्थियों से पुनर्परीक्षा की 450 रुपए फीस भी भरने को कहा जा रहा है। अब तक नागपुर विवि ने यह भी तय नहीं किया है कि बैकलॉग के विद्यार्थियों के पेपर किस प्रकार लिए जाएंगे। विद्यार्थियों के अनुसार यह एक प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी है। 

शिक्षामंत्री उदय सामंत से भी की गई शिकायत
विद्यार्थियों ने बैकलॉग के पेपर के संबंध में शिक्षामंत्री उदय सामंत से भी शिकायत की है। विद्यार्थियों के अनुसार मार्च में लॉकडाउन के पूर्व लॉ के बैकलॉग पेपर शुरू हो चुके थे। कुछ ही पेपर शेष थे कि लॉकडाउन लग गया। नागपुर विवि ने इसके कारण अपनी परीक्षा प्रणाली बदली। अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा ली गई। शेष सभी सेमेस्टर के विद्यार्थियों को अब तक के प्रदर्शन के अाधार पर प्रमोट किया गया। यह भी घोषणा की गई कि जिन विद्यार्थियों के बैक है उनके पेपर अब कॉलेज स्तर पर ही होंगे। लेकिन डॉ. आंबेडकर लॉ कॉलेज दीक्षाभूमि के शिकायतकर्ता विद्यार्थियों का आरोप है कि उनके कॉलेज ने बैकलॉग का पेपर लिया ही नहीं। जबकि अन्य कई कॉलेजों ने बैकलॉग के ऑनलाइन पेपर लिए हैं। नागपुर विवि इस पर कुछ भी नीति स्पष्ट नहीं कर रहा है।