दबिश: एमबीबीएस में फर्जी प्रवेश कराने वाला पकड़ाया

November 29th, 2021

 डिजिटल डेस्क, नागपुर।   एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर लाखों रुपए से चूना लगाने वाला पकड़ाया। अपराध शाखा और बर्डी पुलिस ने राहुल मार्केट स्थित वर्ल्ड ग्रुप ऑफ सर्विस के दफ्तर में छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार किया है। नकदी, दो लैपटाॅप, मोबाइल, रजिस्टर आदि जब्त किया है। अवकाश कालीन अदालत में पेशकर आरोपी को पीसीआर में लिया गया है। यवतमाल की अभिनव काॅलोनी निवासी सुनील प्रह्लाद नागपुरे (52), वर्धा निवासी किशोर मेश्राम और रवींद्र वाघमारे अपने बच्चों  को डॉक्टर बनाना चाहते हैं। इस कारण वह उसका एडमिशन कराने के लिए भटक रहे थे।

इस बीच सुनील को नागपुर के बर्डी में राहुल मार्केट हनुमान गली स्थित वर्ल्ड ग्रुप ऑफ सर्विस के बारे में पता चला। इसका संचालक नरेंद्र लक्ष्मण इंगले (30) गुलमोहर अपार्टमेंट टेका नाका निवासी है। एमबीबीएस में एडमिशन कराने वाले विद्यार्थियांे की काॅउसलिंग करने की आड़ में नरेंद्र उन्हें अपने गिरोह के माध्यम से फंसाता था। डॉक्टर बनने के बाद लाखों रुपए कमाने सपने दिखाता था। अच्छे डॉक्टर बने तो  देश-विदेश में जाने का अवसर होने आदि के सपने दिखाता था। फंसाने के बाद उन्हें किसी भी एमबीबीएस कॉजेल में एडमिशन कराने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठता था। इसके लिए वह मैनेजमेंट कोटे से लेकर मंत्रियों तक की पहुंच होने का भी झांसा देता था। 

यह था मामला 
इस बीच सुनील की नरेंद्र से फोन पर बात हुई। उसे बेटी के एडमिशन के बारे में बताया। नरेंद्र ने सुनील को अपने वर्ल्ड ग्रुप ऑफ सर्विस नामक दफ्तर में मिलने बुलाया। 26 नवंबर 2021 सुनील दो परिचितों के साथ नरेंद्र के दफ्तर में गया। नरेंद्र ने कहा कि एडमिशन कराकर देने के वह 10 लाख रुपए लेगा और फीस के अलग से 50 से 60 लाख रुपए तक का खर्चा बताया। यह भी बताया था कि उसकी बेटी का पुणे के सिम्बॉसिस या वर्धा जिले के सावंगी मेघे स्थित दत्ता मेघे कॉलेज में एडमिशन होगा। एडमिशन मैनेजमेंट कोटे से होने वाला था। नरेंद्र ने यह बात किसी को बताने से मना किया था। इससे सुनील को संदेह हुआ। 

जांच-पड़ताल के बाद भी झांसे में अाए
सुनील ने अपने स्तर पर पड़ताल की, तो पता चला की मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन बंद है। इसके बावजूद बेटी के भविष्य के खातिर 27 नवंबर 2021 को नरेंद्र को एडवांस के तौर पर 1 लाख रुपए दिए। ठगे जाने का एहसास होने के बाद सुनील ने अपराध शाखा के मुखिया उपायुक्त चिंमय पंड़ित से शिकायत की। प्रकरण की गंभीरता से अपराध शाखा और बर्डी पुलिस ने गोपनीय तरीके से इसकी जांच पड़ताल की और शनिवार की शाम को नरेंद्र के दफ्तर में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान नरेंद्र के कब्जे से 1 लाख रुपए की नकदी, दो लैपटाॅप, मोबाइल, पेन ड्राइव और रजिस्टर जब्त किया। 

और भी मामले हो सकते हैं उजागर 
रजिस्टर में कई लोगों के नाम दर्ज हैं। इससे कई चौंकाने वाले कारनामें उजागर होने की संभावना है। पूर्व में ऐसे प्रकरण कई बार उजागर हुए हैं। धंतोली, अजनी, अंबाझरी आदि थानों में प्रकरण दर्ज हैं, लेकिन कभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए। अपराध शाखा वसूली विरोधी दल के सहायक निरीक्षक ईश्वर जगदाले, राजेंद्र ठाकुर, बर्डी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक अतुल सबनिस, उपनिरीक्षक विजय नेमाडे आदि ने कार्रवाई की है।  अवकाश कालीन अदालत में पेशकर नरेंद्र को 2 दिसंबर 2021 तक पीसीआर में लिया गया है।  प्रकरण में और भी लोगों की लिप्तता होने का बताया जा रहा है। जिससे आरोपियों की संख्या और ठगी की रकम बढ़ने की उम्मीद है।