दैनिक भास्कर हिंदी: एलसीबी ने गांजा तस्कर गिरोह का किया पर्दाफाश

October 15th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अपराध शाखा पुलिस विभाग के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते ने गांजा तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के 5 सदस्यों को पकड़ा गया है। इनसे 72 किलो 398 ग्राम गांजा व कार सहित करीब 20 लाख 31 हजार रुपए का माल जब्त किया गया है। इसमें 10.85 लाख का गांजा, 6 मोबाइल फोन व इनोवा कार शामिल है। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मादक पदार्थ विरोधी दस्ते के पुलिस निरीक्षक सार्थक नेहेते को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग इनोवा कार में गांजा की बड़ी खेप लेकर आ रहे हैं। 13 अक्टूबर को दस्ते ने  आॅटोमोटिव चौक पर नागपुर बाबा ताज सर्विसिंग सेंटर के पास सिल्वर रंग की इनोवा (एमएच-19-बीयू- 5003) को रोका। कार में जय रूपम गोवर्धन (24) बुरांडे ले-आउट, वरुड़, सेवाग्राम, वर्धा और सचिन कैलाशराव देशमुख (32) शिव शक्ति नगर, चालीसगांव, जलगांव निवासी सवार थे। पुलिस ने कार से 72 किलो 398 ग्राम गांजा जब्त किया। इनके खिलाफ कपिलनगर  थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। इन दोनों की निशानदेही पर इनके साथी अमित रोहिदास पाटील (30), नया मालेगांव रोड, चालीसगांव, दीपक अशोक शेवाले (39) सिंधी कॉलोनी, जलगांव और योगेश धोंडीराम सालुंखे (35) स्टेशन रोड, दुर्ग सागर मार्ग, चालीसगांव  निवासी को बुटीबोरी के एक होटल से गिरफ्तार किया। जय गोवर्धन इस गिरोह का सरगना है। उसकी छत्तीसगढ़ के कोंडागांव निवासी व गांजा तस्कर राजू और उसकी पत्नी करियन से पुरानी पहचान है। यह इसी दंपति से गांजा खरीदकर लाता है। 

3 दिन की पुलिस रिमांड
पुलिस ने बुधवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने जय, सचिन, दीपक, योगेश और अमित को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) सुनील फुलारी, उपायुक्त (अपराध शाखा)  विवेक मासाड, सहायक पुलिस आयुक्त सुधीर नंदनवार के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, जय के पिता पुलिस विभाग में थे। इस मामले में कुछ फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

27 महीने जेल में था अमित 
सूत्रों ने बताया कि अमित पाटील गांजा तस्करी में माहिर है। उसने अपने गांव के कई लोगों से पैसे लेकर गांजा तस्करी में लगा दिया। गांववालों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर उनसे पैसे लिए। बाद में उनके पैसे भी वापस देने में आना-कानी करने लगा। अमित  पाटील को छत्तीसगढ़ पुलिस ने वर्ष 2017 में डेढ़ क्विंटल गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। अमित करीब 27 माह छत्तीसगढ़ स्थित जगदलपुर की जेल में बंद था। लॉकडाउन के समय वह जमानत पर छूटकर बाहर आया है। बाहर आने के बाद उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर फिर गांजा तस्करी का काम शुरू कर दिया है। 
 

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