दैनिक भास्कर हिंदी: तालाबों का निरीक्षण करने के आदेश पर स्टे

December 19th, 2020

डिजिटल डेस्क,नागपुर। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के 10 दिसंबर के उस आदेश पर ‘स्टे’ दिया है जिसमें अथॉरिटी ने मनपा और वीआईडीसी को शहर के अंबाझरी समेत शहर के सभी तालाबों का एक माह के भीतर निरीक्षण करके उनके संरक्षण के लिए कदम उठाने के आदेश दिए। अथॉरिटी ने मनपा को तालाबों के आस-पास का अतिक्रमण भी हटाने को कहा था। 

मनपा ने अथॉरिटी के इस आदेश को यह कहकर हाईकोर्ट में चुनौती दी है किस महाराष्ट्र वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी को इस प्रकार के आदेश जारी करने के अधिकार ही नहीं है। नागपुर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका में पहले ही इस समस्या का संज्ञान लिया है, जिसके अनुसार मनपा काम पर भी जुटी है। अथॉरिटी का यह आदेश जरूरी नहीं था। मामले में मनपा का पक्ष सुनकर अथॉरिटी के आदेश पर ‘स्टे’ दिया गया है। मामले में अथॉरिटी, प्रदेश जल संसाधन विभाग व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले में मनपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. कप्तान और एड. सुधीर पुराणिक ने पक्ष रखा। 

तालाब फूटा तो दस लाख लोग प्रभावित होंगे
नागपुर निवासी प्रवीण महाजन ने महाराष्ट्र वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने शिकायत की कि, शहर के अंबाझरी तालाब की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। दरारों के कारण नीचे से बांध लीक हो रहा हैै। तालाब किसी दिन फूटा तो आस-पास के करीब 10 लाख लोग प्रभावित होंगे। मनपा तालाब के पानी का उपयोग नहीं कर रही है, जिससे बांध में पानी क्षमता से अधिक बढ़ रहा है। अथॉरिटी ने इसका संज्ञान लेकर सू-मोटो अर्जी दायर कर ली। मनपा को आदेश िदया कि, महाराष्ट्र वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी ने प्रवीण महाजन के पत्र का संज्ञान लेकर 10 दिसंबर को मनपा और वीआईडीसी आदेश दिया कि, वे एक माह के भीतर शहर के अंबाझरी तालाब समेत  सभी तालाबों का निरीक्षण करके उनके संरक्षण के लिए कदम उठाए। साथ ही तालाबों के आस-पास का अतिक्रमण भी हटाए।