नागपुर: ‘कट्यार काळजात घुसली’ का मंचन 27 को

November 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मराठी रंगभूमि पर अधिराज्य स्थापित करने वाले दैदिप्यमान, अभिजात और अजरामर संगीत नाटक की परंपरा का नाटक ‘कट्यार काळजात घुसली’ का प्रयोग रविवार 27 नवंबर को शाम 5 बजे कविवर्य सुरेश भट सभागृह, रेशमबाग में होगा। स्वरवेध प्रस्तुत नाटक विदर्भ साहित्य संघ के 50 वर्ष तक आधार स्तंभ रहे स्व. मनोहरराव म्हैसालकर की स्मृति प्रित्यर्थ व विदर्भ साहित्य संघ के शताब्दी वर्ष निमित्त आयोजित किया गया है। यह जानकारी स्वरवेध के एड. भानुदास कुलकर्णी ने पत्र-परिषद में दी।

प्रवेश-पत्र अनिवार्य : नागपुर के प्रसिद्ध नाटककार पुरुषोत्तम दारव्हेकर के लेखन से साकार हुए इस संगीतमय नाटक ने लोकप्रियता के अनेक शिखर छूए हैं। पं. िजतेंद्र अभिषेकी के संगीत और पं. वसंतराव देशपांडे के अभियान से इस संगीतमय नाटक को नाट्य रसिकों के मन पर छाप छोड़ी है। यह नाटक स्वरवेध, नागपुर द्वारा रंगभूमि पर लाया गया है। नाटक की संकल्पना और निर्देशन एड. भानुदास कुलकर्णी व सारंग मास्टे ने किया है। संगीत संयोजन एड. कुलकर्णी ने किया है। आयोजन में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा, लेकिन प्रवेश-पत्र अनिवार्य होगा। प्रवेश-पत्र विदर्भ साहित्य संघ, सीताबर्डी कार्यालय और एड. भानुदास कुलकर्णी के लक्ष्मी नगर कार्यालय में उपलब्ध है। पत्र-परिषद में विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष प्रदीप दाते, महासचिव विलास मानेकर उपस्थित थे।

मराठी साहित्य सम्मेलन में बनेगा पुस्तक प्रकाशन व्यासपीठ
विदर्भ साहित्य संघ के शताब्दी वर्ष निमित्त वर्धा में 3, 4 व 5 फरवरी 2023 को आयोजित होने वाले 96वें अ.भा. मराठी साहित्य सम्मेलन के नियोजित कार्यक्रम में पुस्तक प्रकाशन व्यासपीठ बनाया जाएगा। इस व्यासपीठ को साहित्य क्षेत्र के मान्यवर दिवंगत साहित्यिकों के हाथों पुस्तक प्रकाशन का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस व्यासपीठ से जिस लेखक, कवि को अपनी पुस्तक प्रकाशित करनी है, उन्हें आयोजकों के पास अपना पंजीयन कराना होगा। इस संबंध में इच्छुक लेखक, कवि विदर्भ साहित्य संघ के कार्याध्यक्ष डॉ. रवींद्र शोभणे, महासचिव विलास मानेकर से संपर्क कर सकते हैं।