दैनिक भास्कर हिंदी: जंगली बिल्ली की हुई सर्जरी, पैर में डाली रॉड

January 5th, 2021

डिजिटल डे्स्क, नागपुर। पेंच व्याघ्र प्रकल्प से 2 दिन पहले नागपुर के टीटीसी ( ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर) में जख्मी अवस्था में जंगली बिल्ली को लाया गया था। किसी वाहन की टक्कर से उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब थी। एक्सरे करने पर तीन पैर की हड्‌डियां टूटने की बात सामने आई। सोमवार को उसका ऑपरेशन किया गया। उसके एक पैर में रॉड डाला गया है। फिलहाल उसे टीटीसी सेंटर में ही रखा गया है। पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में आजाद किया जाएगा। 

2 दिन सामान्य होने दिया : वन विभाग का टीटीसी सेंटर नागपुर के सेमिनरी हिल्स में बना है। यहां जख्मी वन्यजीवों का इलाज किया जाता है। शनिवार को वन विभाग को जानकारी मिली थी कि पेंच व्याघ्र प्रकल्प इलाके में एक जंगली बिल्ली जख्मी अवस्था में पड़ी है। टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। बिल्ली की हालत बहुत ज्यादा खराब देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर नागपुर लाया गया। यहां दो दिन तक उसे सामान्य होने दिया गया। सोमवार को ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत स्थिर है।

देश में पाई जाने वाली बिल्लियों की खास बातें  
-जंगली बिल्ली : हिमालय में स्थित जंगलों में जंगली बिल्ली या स्वैम्प कैट पाई जाती है। इसका मूल स्थान यही है।
-रेगिस्तानी बिल्ली : यह बिल्ली आम तौर पर राजस्थान में दिखती है। इस बिल्ली को एशियन स्टेप वाइल्ड कैट कहा जाता है।
-मछली मार बिल्ली : यह बिल्ली पानी में तैरना पसन्द करती है। मछली का शिकार करने में महारत हासिल है।
-चीता बिल्ली : चीता बिल्ली आकार में छोटी होती है। इस प्रजाति की बिल्ली का चीता से आनुवांशिक संबंध है।
-सुनहरी बिल्ली : मझोले आकार की यह बिल्ली असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में दिखती है। लुप्तप्राय स्थिति में है।   
-चितकबरी बिल्ली : यह गिर राष्ट्रीय उद्यान व ताड़ोबा टाइगर रिजर्व में मुख्यरूप से पाई जाती है। आकार में छोटी होती है।  
-पलस बिल्ली : बिल्ली की इस प्रजाति का डेरा कश्मीर है। शिकार और अन्य खतरों से इसकी संख्या कम हो गई है।
-मार्बल बिल्ली : सुनहरी बिल्ली की तरह दिखने वाली यह प्रजाति हिमालय के तराई क्षेत्रों में अधिकतर दिखती है।