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नागपुर : नालों की सफाई पर पिछले साल खर्च किए थे 1.02 करोड़ , इस बार वही 43 लाख में हो गया

नागपुर : नालों की सफाई पर पिछले साल खर्च किए थे 1.02 करोड़ , इस बार वही 43 लाख में हो गया

डिजिटल डेस्क,नागपुर। नागपुर महानगरपालिका ने पिछले साल नालों की सफाई पर 1.02 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस साल उन्हीं नालों की सफाई मात्र 43 लाख रुपए में हो गई। मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे के इस दावे ने मनपा में सफाई के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। मुंढे का दावा है कि पिछले साल के मुकाबले आधी राशि में नदी-नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। इससे पूर्व में हुए कार्यों को लेकर सवाल उठने भी लाजिमी है।

पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नालों की सफाई हुई
मार्च में लॉकडाउन लागू होते ही मनपा आयुक्त ने शहर के नालों की सफाई के आदेश जारी किए थे। अप्रैल से शहर के सभी जोन में सफाई शुरू हो गई थी। दावा है कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नालों की सफाई की गई। मुख्य नालों में हत्तीनाला गड्डीगोदाम, बालाभाऊपेठ, बोरियापुरा, डोबीनगर, लाकड़ीपुल, तकिया, नरेंद्रनगर, बुरड नाला आदि बड़े व छोटे कुल 227 नाले हैं। मशीन से नालों की सफाई के लिए मनपा के छह और किराये पर आठ मशीन से सफाई का काम चल रहा है। 

पिछले साल 1 करोड़ 33 लाख की निधि का था प्रावधान
पिछले साल 1 करोड़ 33 लाख 30 हजार 360 रुपए निधि का प्रावधान साफ-सफाई के लिए किया गया था। इसमें 1 करोड़ 2 लाख 95 हजार 618 रुपए खर्च किए गए थे। इस साल 43 लाख 79 हजार 280 रुपए में नदी-नालों के लिए प्रस्ताव किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह सिर्फ 43 प्रतिशत निधि है।  इस निधि में अब तक 227 नालों में से 211 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष 16 नालों में से 15 नालों की सफाई का काम अभी चल रहा है। शेष एक नाले की सफाई जल्द पूरी होने का दावा भी किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में नदी-नालों की सफाई को इवेंट की तरह पेश किया गया। हालांकि, इसमें जनसहभागिता थी। ईंधन खर्च के नाम पर ही करोड़ रुपए से अधिक का खर्च दिखाया गया। 

शहर में 227 नाले
शहर में 227 नाले हैं। धंतोली और सतरंजीपुरा जोन के कार्य 100 प्रतिशत होने का दावा किया गया है। सिर्फ एक ही नाले की सफाई बाकी है। लक्ष्मीनगर जोन अंतर्गत 22 में से 20 नालों की सफाई पूरी की गई। धरमपेठ जोन अंतर्गत 35 में से 30 नाले साफ किए गए। हनुमाननगर जोन अंतर्गत 14 नालों में से 13 पूरे हो गए हैं। धंतोली जोन अंतर्गत सभी 14 के काम पूरे किए गए। नेहरूनगर जोन अंतर्गत 15 में से 14 नालों की सफाई खत्म हो गई है। सर्वाधिक नाले गांधीबाग जोन अंतर्गत 51 हैं। 50 नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया गया है। सतरंजीपुरा अंतर्गत सभी 22 नालों की सफाई पूरी हुई। लकड़गंज जोन अंतर्गत 7 नालों से 6 साफ हो गए हैं। आशीनगर जोन अंतर्गत 18 में से 17 नालों की सफाई की गई। मंगलवारी जोन अंतर्गत 29 नालों में से 25 की सफाई पूरी होने का दावा किया गया है। 
 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।