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नागपुर मनपा कोरोना मरीजों को उपलब्ध कराएगी बेड , अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम

नागपुर मनपा कोरोना मरीजों को उपलब्ध कराएगी बेड , अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना से दहशत में आए लोगों के लिए अच्छी खबर। अब कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल सीधे कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं कर पाएंगे। मनपा कंट्रोल रूम द्वारा बेड अलॉट करने के बाद ही मरीज को भर्ती किया जाएगा। अस्पताल कंट्रोल रूम द्वारा भेजे गए किसी भी मरीज के इलाज से इनकार नहीं कर सकेंगे। यदि अस्पताल में आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं है, फिर भी अस्पताल को मरीज का इलाज शुरू करना होगा। कंट्रोल रूम ऐसी स्थिति में मरीज के  लिए आईसीयू बेड ढूंढ कर उसे नए अस्पताल में ट्रांसफर करेगी। कंट्रोल रूम अस्पताल में बेड की स्थिति की रियल टाइम मॉनिटरिंग करता रहेगा। मनपा अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा और अतिरिक्त जिलाधिकारी शिरीष पांडे कंट्रोल रूम का दैनिक प्रबंधन देखते हुए साप्ताहिक रिपोर्ट अपने कार्यालय को देंगे। इस गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले निजी या सरकारी अस्पताल के जिम्मेदारों पर आपराधिक मुकदमे का भी प्रावधान रखा गया है।

हाईकोर्ट के आदेश पर अमल
नागपुर महानगरपालिका और जिला प्रशासन ने मिलकर शहर में कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिविर, टोसिलिजुमैब, ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं की आपूर्ति के लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम का गठन किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के आदेश पर जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे व मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. ने यह संयुक्त उपक्रम शुरू किया है। इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार, मनपा के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में शुरू किया गया यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सातों दिन कार्यरत रहेगा। जनता के लिए कंट्रोल रूम के टेलिफोन नंबर, मोबाइल नंबर, वाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। अतिरिक्त जिलाधिकारी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीमें तीन शिफ्ट में यहां तैनात होंगी। 

-मरीज की प्राथमिक जानकारी पूछने के बाद आपसे मरीज की एचआरसीटी, आरटीपीसीआर या अन्य कोई भी रिपोर्ट वाट्सएप या बताए गए माध्यम से कंट्रोल रूम को भेजनी होगी। सॉफ्टवेयर की मदद से अस्पताल में बेड ढूंढ कर आधे से एक घंटे के भीतर मरीज को बेड आवंटित कर दिया जाएगा।
-कंट्रोल रूम मरीज या उनके परिजनों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक खास कोड या ओटीपी भेजा जाएगा। दो घंटे के भीतर दिए गए अस्पताल में मरीज को भर्ती कराना होगा। अस्पताल को भी इसकी पूर्वसूचना दी जाएगी। दो घंटे के भीतर भर्ती न होने पर बेड -आरक्षण समाप्त करके उसे दूसरे मरीज के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।  
-यदि कंट्रोल रूम को लगता है कि मरीज का घर पर इलाज हो सकता है तो उन्हें होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा।

जीवनावश्यक दवाओं और ऑक्सीजन के लिए संपर्क करें
-कंट्रोल रूम में तैनात टीम कोविड अस्पतालों में रेमडेसिविर, टोसिलिजुमैब व अन्य जीवनावश्यक दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता की मॉनिटरिंग करती रहेगी। एक टीम अस्पतालों का निरीक्षण करके दवाओं की सही आपूर्ति और उपयोग पर नजर रखेगी।

अतिगंभीर या आपातकालीन मरीजों के लिए यह नियम
मनपा ने अतिगंभीर मरीजों या आपातकालीन स्थिति के लिए कोविड अस्पतालों को सूचित किया है कि वे ऐसे मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करें, उन्हें वापस न लौटाएं। ऐसी स्थिति में मरीज का इलाज शुरू करके एक घंटे के भीतर कंट्रोल रूम को सूचित करना अनिवार्य होगा, लेकिन इस छूट का गलत उपयोग करने वाले अस्पताल या चिकित्सक पर आपराधिक मुकदमे की भी चेतावनी दी गई है।
 

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