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नागपुर : कचरा संकलन एजेंसियों पर मनपा की मेहरबानी

नागपुर : कचरा संकलन एजेंसियों पर मनपा की मेहरबानी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर में कचरा संकलन का जिम्मा दो एजेंसियों को दिया गया है। दोनों एजेंसियाें की कार्यप्रणाली शुरुआत से ही विवादित रही। मनपा पदाधिकारियों के फटकार लगाने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ। एक माह पूर्व बीवीजी एजेंसी ने मनपा को बिना पूर्व सूचना दिए 113 सफाई कामगारों को नौकरी से हटा दिया। इसके विरोध में सभी कामगार हड़ताल पर उतर जाने से बवाल हुआ। महापौर ने एजेंसी को 24 घंटे में सभी कामगारों को वापस लेने का आदेश दिया। महापौर के आदेश की भी एजेंसी ने परवाह नहीं की। एक महीना बीत गया, लेकिन अभी तक एक भी कामगार को वापस नहीं लिया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। लग रहा मनपा प्रशासन कचरा संकलन एजेंसियों पर मेहरबान है।

एजेंसियों की मनमानशहर में कचरा संकलन करने वाली कनक रिसोर्सेस का कार्यकाल समाप्त हो जाने पर दो नई एजेंसियां नियुक्त की गई। शहर के दो हिस्सों में विभाजित कर 5-5 जोन में कचरा संकलन की जिम्मेदारी दी गई। नई एजेंसियों को कनक के सफाई कामगार लेने की अनुबंध में शर्त डाली गई थी। शुरुआत में दोनों एजेंसियों ने पुराने कामगारों के लेेने से मना किया। राजनीतिक दबाव बनाने पर वापस लिया, लेकिन उन्हें नियमित काम देने में टालमटोल करती रही। जनवरी महीने में बीवीजी एजेंसी ने मनपा को बिना पूर्व सूचना दिए 113 कामगारों को नौकरी से हटा दिया। हटाए गए कामगारों के समर्थन में अन्य कामगार हड़ताल पर उतर गए। 

कचरा पृथक्करण नजरअंदाज
अनुबंध में गीला-सूखा कचरे का पृथक्करण, घर से कचरा उठाने की शर्त रखी गई है। शर्त का पालन नहीं करने पर जुर्माना वसूल करने का अनुबंधन में प्रावधान किया गया है। अनुबंध की शर्तें धरी की धरी रह गए। नई एजेंसियों को कचरा संकलन की जिम्मेदारी संभाले एक वर्ष हो गया। अभी भी कचरे का पृथक्करण नहीं किया जा रहा है। कलेक्शन सेंटर पर कचरा छोटे वाहन से बड़े वाहन में ट्रांसफर करने की शर्त की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।  


डंपिंग यार्ड में डाला जा रहा मिश्रित कचरा
शहर से प्रतिदिन 1200 टन कचरा निकलता है, लेकिन संकलन एजेंसियां पृथक कचरा संकलन करने में नाकाम रही। मिश्रित कचरा डंपिंग यार्ड में डाला जा रहा है। पृथक कचरा मुश्किल से 40% संकलन होने की विभाग से जानकारी मिली है। मिश्रित कचरा डंपिंग यार्ड में डालने पर एजेंसी के िखलाफ जुर्माना ठोंकने का अनुबंध में प्रावधान है। नियम का उल्लंघन होने पर भी मनपा और पदाधिकारियों ने एजेंसियों से जुर्माना वसूल करने की हिम्मत नहीं दिखाई है।

जुर्माना वसूलने की चेतावनी
बीवीजी एजेंसी ने काम से हटाए 50% कामगारों को शहर में और 50% कामगारों को अन्य प्रदेश में काम पर लेने का आश्वस्त किया। है। इस प्रक्रिया के लिए 15 दिन का समय मांगा है। अनुबंध के अनुसार पृथक कचरा संकलन करना एजेंसियों की जिम्मेदारी है। शर्तों का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूल किया जाएगा। -दयाशंकर तिवारी, महापौर 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।