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नागपुर : FCI के पास रहने वाले हो गए त्रस्त, कान-नाक ही नहीं भोजन-कपड़े में भी घुस जाता है घुन

नागपुर : FCI के पास रहने वाले हो गए त्रस्त, कान-नाक ही नहीं भोजन-कपड़े में भी घुस जाता है घुन

डिजिटल डेस्क, नागपुर।    एफसीआई के आस-पास रहने वाले लोग घुन के डर से फ्लैट्स छोड़कर एरिया से बाहर रहने को मजबूर हैं। जो यहां रहने का साहस कर रहे हैं, वे दरवाजे, खिड़कियां बंद कर दिन गुजार रहे हैं।  बारिश शुरू होते ही एफसीआई गोदामों से आने वाले घुनों का हमला बढ़ जाता है। घुन का सबसे ज्यादा हमला जुलाई में होता है।   एफसीआई गोदामों में रखे सरकारी अनाज को कीड़े नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए एफसीआई प्रशासन की तरफ से अनाज पर कीटनाशक दवा का छिड़काव व टैबलेट्स का इस्तेमाल समय-समय पर किया जाता है।

बारिश में घुन की समस्या विकराल होने से अनाज पर प्री-मानसून कार्यक्रम के तहत अप्रैल, मई और जून ऐसे तीन महीने तक लगातार दवा का छिड़काव किया जाता है। घुन से सबसे ज्यादा परेशान समर्थनगर में रहने वाले लोग हैं। घुन के हमले से गजानन नगर तथा प्रशांत नगर के लोग भी नहीं बच पाए हैं। समर्थनगर के शिव-विष्णु पैलेस में 4 फ्लैट घुन के कारण खाली पड़े हैं। फ्लैट मालिक घुन के डर से यहां रहने के बजाय दूसरी जगह रह रहे हैं। श्री गणेश अपार्टमेंट में रहने वाले राकेेश खंडेलवाल भी पिछले 3 महीने से परिवार समेत दूसरी जगह रह रहे हैं। गोदाम की सुरक्षा दीवार से सटकर रहने वाले कुछ लोगों ने अपना मकान बेचने के लिए निकाला है, तो कुछ लोग मकान किराए पर देकर खुद दूसरी जगह रहने जाना चाहते हैं

दरवाजे-खिड़की पर जाली लगाई 
घुन से बचने के लिए कुछ लोगों ने अपने घर के दरवाजे और खिड़कियों पर बारिक जाली लगाई है। ग्रीन नेट का भी सहारा लिया जा रहा है। समर्थनगर स्थित शिव-विष्णु पैलेस निवासी नंदकिशोर जोशी ने 30 हजार रुपए खर्च कर दरवाजे और खिड़कियों पर बारिक जाली लगाई है। उनका कहना है कि 4 फ्लैट्स खाली पड़े हैं। जो लोग रह रहे हैं वे दरवाजे-खिड़कियां बंद कर रहने को मजबूर है। अनाज व सामानों के अलावा कान, नाक, मुंह में कब घुन चला जाए, इसका डर बना रहता है। जुलाई में स्थिति भयावह होने की चिंता सता रही है।

इस बार नहीं होने देंगे घुन का हमला
बारिश के दिनों में अनाज में घुन ज्यादा हाेते हैं। प्री मानसून प्रोसेस के तहत कीटनाशक दवा का छिड़काव व टेबलेट का इस्तेमाल किया गया है। दवा ज्यादा मारने पर घुन उड़कर बाहर चले जाने या नुकसान होने का डर है। स्थिति का आकलन किया गया है। घुन पर नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। अन्य कीटनाशक के छिड़काव पर भी विचार किया जा रहा है। इस बार घुन का हमला समीप के एरिया में न हो, ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं। समस्या कम से कम हो यही कोशिश है।  
-बी.एम. राऊत, विभागीय प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम नागपुर

 घुन को रोकने ग्रीन नेट  
 समर्थनगर स्थित श्री गणेश अपार्टमेंट में रहने वाले मुकेश खाडे ने बताया कि जुलाई में घुन का सबसे ज्यादा हमला होता है। कोई चीज खुली नहीं रख सकते। खाने-पीने की सामग्री के माध्यम से घुन पेट में जाने का डर रहता है। काफी सतर्क रहकर खान-पान करना पड़ता है। सोते समय घुन नाक, कान में घुस जाता है। इससे बचाव के लिए फ्लैट पर ग्रीन नेट लगाया है। दरवाजे-खिड़कियां बहुत कम खोलता हूं। 

घर वापस आने में लगता है डर
श्री गणेश अपार्टमेंट निवासी राकेश खंडेलवाल ने बताया कि पिछले तीन महीने से परिवार समेत बाहर रह रहा हूं। बारिश में घुन की समस्या बढ़ जाती है। घुन नाक, कान में घुसने का डर सता रहा है। बच्चों को लेकर विशेष चिंता बनी रहती है। अनाज के अलावा पानी, भोजन व दूध में भी कब घुन चला जाए पता ही नहीं चलता। जुलाई में कपड़ों, रजाई व चद्दरों में  घुन घुस जाते हैं। कोई चीज खुली नहीं रह सकते। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।