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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 30 बेरोजगारों से ठगे लाखों रुपए, फर्जी अफसर गिरफ्तार

सरकारी नौकरी का झांसा देकर 30 बेरोजगारों से ठगे लाखों रुपए, फर्जी अफसर गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकारी नौकरियों के नाम पर 30 बेरोजगारों से करोड़ों रुपए हड़पने वाले गिरोह को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर युवाओं से ठगी करने की बात स्वीकार की है। मामला नागपुर के गणशपेठ थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से फर्जी नियुक्ति पत्र, सील आदि दस्तावेज जब्त किए हैं।        
    
अन्य शहरों से भी जुड़े हैं तार
आरोपियों में निकिता सुमित मेश्राम बेझनबाग, पूजा जयंत देशमुख नोएडा उत्तर प्रदेश,प्रणय अनिल जवसे मेहंदीबाग,शिवाली संजय धारगांवे बेलदार नगर,रोशन किशोर नगराले बल्लारशाह,जिला चंद्रपुर, विद्यासागर जनार्दन राऊत लघुवेतन कालोनी,धर्मकीर्ति पंजाबराव मानेराव लष्करीबाग निवासी हैं। धरमपेठ में प्रतिभा संकुल काम्पलेक्स में  निकिता और उसका पति सुमित का एम स्टार बिजनेस के नाम से दफ्तर है। इसकी आड़ में मेश्राम दंपत्ति ने रेवड़ियों की तरह फर्जी सरकारी नौकरियां बांटने का गोरखधंधा शुरू कर रखा था। इसका तार अंतरराज्यीय स्तर पर दिल्ली,उत्तर प्रदेश,छतिसगढ़,कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई शहरों में फैला हुआ है। जिसके चलते 7 नवंबर 2014 से 28 जनवरी 2019 तक निकिता और उसके गिरोह ने करीब 25 से 30 बेरोजगारों को रेलवे, फुड कार्पेारेशन ऑफ इंडिया, डाक और स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगा कर देने का झांसा दिया।

फर्जी पहचान पत्र दिखाते थे
पीड़ित निखिल दत्तtजी ठाकरे को रेलवे में टीसी (टिकिट कलेक्टर) की नौकरी लगाकर देने के लिए गणेशपेठ बस स्थानक के सामने उसने पहली किश्त 60 हजार रुपए लिए। बाद में विविध स्थानों पर निखिल को बुलाकर अभी तक उससे साढ़े 11 लाख रुपए ऐंठ लिए हैं। निकिता ने खुद को ऑफिसर मिनिस्ट्री ऑफ लेबर और एम्पालमेंट न्यू दिल्ली में कार्यरत होने की झूठी जानकारी दी थी। निकिता के साथी धीर खुराणा ने भी की पहचान मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेअर्स न्यू दिल्ली एडीजी के रूप में बताई थी। निखिल का विश्वास जीतने के लिए उसे अपना फर्जी पहचान पत्र भी आरोपियों ने दिखाया था। शिवकुमार सोनटक्के, हर्षल आत्राम,प्रतीक माकडे,मनोज वासु,प्रकाश ठाकरे,राजेश वरंभे इन बेरोजगारों को एयरपोर्ट में नौकरी लगाने के नाम पर  निकिता और उसके गिरोह के सदस्याें ने 15 लाख रुपए लिए , सुनील गायधने और अन्य से फुड कार्पेारेशन में नौकरी लगाने के लिए 8 से 10 लाख रुपए लिए गए । महादेव रामचंद्र लोंदासे और अन्य से जिला परिषद में नौकरी लगाने के नाम पर उनसे भी 8 से 10 लाख रुपए लिए गए हैं। पुलिस पूछताछ में मामले में और भी कड़ी जुड़ी होने की अंदेशा है।

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