दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर स्टेशन अलर्ट, सुरक्षा चाक-चौबंद, 12 घंटे की शिफ्ट करेंगे जवान

October 17th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर रेलवे स्टेशन को दशहरा व धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस को लेकर अलर्ट किया गया है। ऐसे में बुधवार को परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंध कर दी गई है। सिपाहियों के काम का समय बढा दिया है। वही बीडीडीएस व डॉग स्कॉड को परिसर में मौजूद कर दिया गया है। स्टेशन पर आनेवाली हर गाड़ियों की जांच पड़ताल हो रही है। वही यात्रियों की लगेज की भी जांच हो रही है। संदेहास्पद स्थिति में घूम रहे लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि नागपुर रेलवे स्टेशन व्यस्त स्टेशनों की सूची में शामिल है। यहां रोजाना 25 हजार से ज्यादा यात्रियों की मौजूदगी रहती है। जिसके लिए कुल 87 आरपीएफ का स्टाफ व लगभग इतना ही जीआरपी का स्टाफ सक्रिय रहता है। लेकिन त्योहारों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के अवसर पर देश के हर क्षेत्र से नागपुर के पावन दीक्षाभूमि में अनुयायी बड़ी संख्या में आते हैं। कुछ निजी वाहनों से शहर में आते हैं। लेकिन ज्यादातर अनुयायी ट्रेनों के सहारे ही यहां पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन पर प्रति वर्ष 45 हजार तक यात्रियों की संख्या पहुंच जाती है। इस बार भी करीब 60 हजार तक यात्रियों की संख्या पहुंचनेवाली है। जिसके कारण सुरक्षा को लेकर आरपीएफ को लेकर सतर्क रहना पड़ रहा है। आरपीएफ ने सभी सिपाहियों को 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम करने के की सूचना दी है। जिससे मैन पॉवर बढ़ गया है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। स्टेशन पर आनेवाली गाड़ियों में विशेष टीम द्वारा नजर रखी जा रही है।

गाड़ी के भीतर मेटल डिटेक्टर से जांच हो रही है। वहीं गाड़ियों के नीचे भी बारीकी से नजर रखा जा रहा है। मुख्य द्वारा पर स्कैनर मशीनों से यात्रियों की बैग चेक हो रही है। इसके अलावा प्लेटफार्म पर श्वान की मदद से भी बैग की जांच-पड़ताल की जा रही है। इसी तरह अजनी रेलवे स्टेशन पर भी सिपाहियों की संख्या बढ़ा दी  गई है। यहां यात्रियों की संख्या बढ़ने से विशेष टीम गश्त कर रही है। डॉग स्कॉड भी सक्रिय है। वहीं बीडीडीएस को तैनात किया गया है।

भगदड़ से बचने के लिए विशेष ऐहतियात
18 अक्तूबर पर दशहरा व धम्मचक्र प्रवर्तन दिन रहने से बुधवार की सुबह से ही स्टेशन परिसर में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। कई बार यह भीड़ इतनी विकराल हो जाती है, कि पैर रखने के लिए भी प्लेटफार्म पर जगह नहीं रहती। ऐसे में गाड़ियों की तलाश में या स्टेशन से बाहर निकलते वक्त यात्रियों की भीड़ जम जाती है। ऐसी स्थिति किसी भी कारण पर भगदड़ की स्थिति निर्माण हो सकती है। ऐसे में आरपीएफ के कमांडेंड ज्योतिकुमार सतिजा ने विशेष तौर पर भीड़ को छंटने के लिए सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया है। वे सावधानी बरतते हुए विशेष तरीके से भीड़ अलग कर रहे हैं।  

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