दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में ठंड ने तोड़ा सर्वकालीन रिकॉर्ड, न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री, ठिठुर रहे लोग

December 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शुक्रवार व शनिवार की सर्द रात ने उपराजधानी में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह भी दो-चार साल का नहीं बल्कि सर्वकालीन। इतना ही नहीं शनिवार को दर्ज न्यूनतम तापमान संतरानगरी के उपलब्ध इतिहास का किसी भी समय रहा सबसे कम तापमान है। शनिवार को नागपुर का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम रहा। यह अब तक किसी भी माह दर्ज किए गए न्यूनतम तापमान में सबसे कम रहा। पूरी रात लोग ठंड से ठिठुरते रहे। बाहर तेज हवा और अंदर पैर जमाए बैठी ठंड लोगों को कांपने पर मजबूर करती रही।

मौसम विभाग के अनुसार हिमालय की वादियों में हो रही बर्फबारी और निचले स्तर पर हवा की दिशा उत्तरीय बनी होने से यह ठंड के तेवर बढ़े हैं। हिमालय से आ रही सर्द हवाओं ने उपराजधानी सहित समूचे विदर्भ व उत्तर भारत को शीत लहर में जकड़ लिया है। दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे और रिकॉर्ड 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री नीचे रहा। हवा की गति भी करीब 5 किमी प्रतिघंटा बनी हुई है।

अनुमान
नागपुर मौसम केंद्र के उपहानिदेशक जयंती प्रसाद के अनुसार विदर्भ में भीषण शीतलहर की चेतावनी जारी है। इसके अलावा अगले 2 दिन विदर्भ शीत लहर की चपेट में बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में बहुत अधिक ऊपर नीचे होने के आसार नहीं हैं। साथ ही अभी तक तापमान पीक-आऊट नहीं हुआ है, तो और गिरने से इंकार नहीं किया जा सकता।

मौसम कर्मी भूल गए थमो-ग्राफ सेट करना
मौसम विभाग में तापमान को दर्ज करने के लिए थर्मामीटर के अलावा एक अन्य मशीन भी तापमान को दर्ज करती है। इस मशीन को थर्मो-ग्राफ कहा जाता है। यह स्वचलित होता और इसमें तापमान में आया हर बदलाव दर्ज होता है। इसमें बस एक कार्य मेनुअली करना पड़ता है, इसे सेट करना। पूर्व में यह मशीन 5 डिग्री पर सेट की गई थी। इससे कम से कम 5 डिग्री तक तापमान का गिरना यह दर्ज करती थी। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। इसलिए शुक्रवार रात में इसे 0 डिग्री पर सेट किया जाना था, लेकिन डयूटी पर तैनात कर्मी इसे सेट करना भूल गया। इससे इसमें 5 डिग्री से ही तापमान रिकॉर्ड हुआ। हालांकि थर्मामीटर ने सही तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया और यही अधिकारिक रिकॉर्ड माना जाता है। मौसम जानकारों के अनुसार यह तकनीकी गलती है, इसे सुधारा जा सकता है। यह एक ग्राफ शीट है जिस पर तापमान का बदलाव इसमें लगे पेन दर्ज करते हैं। जानकारों के अनुसार 5 डिग्री को 0 डिग्री करने से पूरा सही आंकलन मिल जाएगा। इससे कोई परेशानी नहीं होगी।