comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नागपुर यूनिवर्सिटी NIRF की रैंकिंग में पिछड़ा, 200 यूनिवर्सिटी की लिस्ट में कोई रैंक नहीं

नागपुर यूनिवर्सिटी NIRF की रैंकिंग में पिछड़ा, 200 यूनिवर्सिटी की लिस्ट में कोई रैंक नहीं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने  नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की रैंकिंग जारी कर दी है। इसमें नागपुर के अधिकांश संस्थानों का औसत प्रदर्शन रहा है। मध्य भारत के सबसे बड़े राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय को "यूनिवर्सिटी' श्रेणी में सबसे पिछड़ी रैंकिंग मिली है। 200 विश्वविद्यालयों की सूची में नागपुर यूनिवर्सिटी को 151 से 200 की श्रेणी में रखा गया है। यूनिवर्सिटी को कोई तय रैंक नहीं दी गई है। इसके मुकाबले प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। 

आईआईएम, आईएमटी की अच्छी स्थिति : सूची में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) को इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेेजमेट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) में अच्छी रैंकिंग मिली है। आईआईएम को 47.38 स्कोर के साथ 40वां और आईएमटी को 44.71 स्कोर के साथ 60वां क्रमांक दिया गया है। नागपुर के पास कामठी स्थित किशोरीताई भोयर कॉलेज ऑफ फार्मेसी को 42.62 स्कोर के साथ 48वां स्थान मिला है। कॉलेज श्रेणी मंे गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस को 101 से 150 के समूह में रखा गया है। 

वीएनआईटी का बेहतर प्रदर्शन 
इंजीनियरिंग संस्थानों की सूची में शहर के विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) को 54.76 के स्कोर के साथ 27वां क्रमांक दिया गया है। इसके बाद रामदेव बाबा इंजीनियरिंग कॉलेज को 36.62 स्कोर के साथ 113वें क्रमांक पर रखा गया है। शहर के जी. एच. रायसोनी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और यशवंतराव चौहान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एक समान 34.07 अंक और 139वां क्रमांक मिला है। नागपुर यूनिवर्सिटी को इंजीनियरिंग की शिक्षा के लिए देश में 144वां उत्कृष्ट संस्थान चुना गया है। 

टॉप 100 में बनाई जगह 
सावित्रीबाई फुले पुणे विवि ने 61.13 के स्कोर के साथ 9वां क्रमांक, वर्धा के दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने 45.24 स्कोर के साथ 61 क्रमांक, मुंबई यूनिवर्सिटी ने 44 स्कोर के साथ 65वां क्रमांक, डॉ.बाबासाहब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी औरंगाबाद ने 43.12 स्कोर के साथ 69वां क्रमांक, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कराड ने 40.87 स्कोर के साथ 90वां क्रमांक प्राप्त कर टॉप 100 यूनिवर्सिटी की सूची में जगह बनाई है।

इन श्रेणियों में कोई संस्थान नहीं 
एनआईआरएफ रैंकिंग में मेडिकल, लॉ और आर्किटेक्चर की सूची में नागपुर का कोई संस्थान शामिल नहीं हो सका। डेंटल की सूची में वर्धा के दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को 60.99 के स्कोर के साथ 14वां स्थान दिया गया है।

कमेंट करें
SA6Zw
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।