दैनिक भास्कर हिंदी: सिंगापुर और दुबई की तरह दिखेगा नागपुर एयरपोर्ट

January 1st, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सिंगापुर और दुबई की तरह नागपुर का एयरपोर्ट आने वाले समय में दिखने वाला है। संतरानगरी के डॉ.बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नागपुर के निजीकरण की लगभग पूरी तैयारी हो चुकी है।  निविदा में अधिकतम बोली लगाने वाली कंपनी जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड को सरकार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। देश के बीचों-बीच स्थित नागपुर एयरपोर्ट कई मायनों में आवागमन के लिए उपयुक्त है। इसलिए इसका चयन किया गया है।

इसलिए उपयुक्त 
नागपुर एयरपोर्ट को सिंगापुर और दुबई के विमानतल की तर्ज पर विकसित करने की चर्चा हुई थी। एयरपोर्ट की निविदा में ठेके पाने वाली कंपनी को 74 फीसदी और मिहान इंडिया लिमिटेड को 26 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। एयरपोर्ट के विकास में 1685 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। नागपुर शहर देश के बीचों-बीच स्थित है। वहीं, दुनिया के अन्य देशों में आवागमन के लिए यह उपयुक्त स्थान है। इस वजह से नागपुर अंतरराष्ट्रीय कार्गो हब के लिए चुना गया है।

विदर्भ में बढ़ेगा व्यवसाय
नागपुर एयरपोर्ट के विकसित होने से शहर ही नहीं, बल्कि विदर्भ में विकास की एक उम्मीद दिखाई पड़ रही है। यहां आने वाली कंपनियों से शहर में रोजगार बढ़ेगा और वह अप्रत्यक्ष रूप से शहरवासियों को रोजगार उपलब्ध करवाएगा। वहीं, एयरपोर्ट पर विमान के साथ ही बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या से  शहर में रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे।

यह होगा बदलाव

  • 32 सौ मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी के बराबर में 4 हजार मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी बनेगी।
  • दोनों हवाई पट्टी से जोड़कर टर्मिनल बिल्डिंग तक टैक्सी वे बनाया जाएगा, एयरपोर्ट पर 100 विमानों की पार्किंग की जाएगी।
  • 2044-45 से प्रतिवर्ष 60 हजार मैट्रिक टन कार्गो आने-जाने का अनुमान है, भूमिगत फ्यूल सिस्टम लगाया जाएगा।
  • नई टर्मिनल बिल्डिंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मनोरंजन की सुविधाएं होंगी।
  • निजी कंपनी को 30 साल के लिए जिम्मेदारी देनी है, जिसे ध्यान में रखते हुए 2044-45 से 70 लाख यात्री प्रतिवर्ष का अनुमान है।