दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर की नाग नदी, पीली नदी, पोहरा नदी दिखाई देगा साफ बहता पानी

June 15th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर से बहने वाली नाग नदी, पीली नदी और पोहरा नदी की साफ-सफाई करने से मूल रूप मिला है। नदियों को पुनर्जीवित करने से नागपुर शहर का पुराना वैभव लौटने का दावा मनपा प्रशासन ने किया है। शहर का वैभव माने जाने वाली नाग नदी को साफ-सफाई के अभाव में नाले का रूप धारण किया था। उपराजधानी की शान नाग नदी तथा अन्य नदी-नालों की साफ-सफाई मनपा की ओर से की गई। नाग नदी, पीली नदी और पोहरा नदी में बढ़े अतिक्रमण से उनकी पहचान खो गई थी। उद्योग और घरों का गंदा पानी नदी में छोड़े जाने से फैल रही बदबू के कारण स्वास्थ्य की समस्या से नागरिकों को सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से पहले नदी-नालों की सफाई की जाती है। इस वर्ष नादियों की गहराई और चौड़ाई पर ध्यान केंद्रित किया गया। मलबा निकालकर सुरक्षा दीवार से जमा नहीं करते हुए बाहर फेंका गया है। नदी का प्रवाह खुला हो जाने से नदियां बहने लगीं हैं। नदी से निकाला गया मलबा पुन: वापस नहीं जाने से बाढ़ की स्थिति पैदा होने की आशंका कम हो गई है। विविध कंपनियों के सीएसआर फंड से नदी सफाई पर खर्च किया गया है। नागपुर सुधार प्रन्यास, नागपुर मेट्रो, लोकनिर्माण विभाग, वेकोलि, मॉयल, एनएचएआई आदि के आर्थिक सहयोग से नदियों की साफ-सफाई की गई है। मनपा की ओर से विविध मशीनों के लिए डीजल की आपूर्ति की गई है।नागरिक ही संभाल सकते हैं 

उपराजधानी की विरासत : मुंढे
नदियों का मलबा निकालकर साफ करने से चौड़ाई बढ़ी है। अगले चरण में नदियों का सौंदर्यीकरण करने का काम आरंभ किया गया है। जल्द ही नदियों में साफ पानी बहता हुआ दिखाई देगा, इस दिशा में नियोजन किया जा रहा है। भविष्य में बगीचे नदी किनारों की शोभा बढ़ाएंगे। बगीचों में व्यायाम, जॉगिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। नाग नदी को पुनर्जीवित करने का मनपा ने संकल्प लिया है। उस दिशा में यह पहला कदम है। नदी को स्वच्छ और प्रवाह बनाए रखने में नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। नागरिकों की कृति इस विरासत को संजोए रख सकती है।