10 अधिकारियों को जिम्मेदारी: ले-आउट का नियमितीकरण कर नासुप्र जुटाएगी 300 करोड़

October 12th, 2021

 डिजिटल डेस्क,नागपुर। शहर की सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में अनधिकृत ले-आउट की भरमार है। इन ले-आउट में प्लॉट खरीदने वालों में संभ्रम इस बात का है कि उन्हें नियमितीकरण पत्र (आरएल लेटर) जारी किया जाएगा अथवा नहीं। इस संभ्रम काे दूर कर नासुप्र द्वारा गुंठेवारी कानून के अंतर्गत आने वाले सभी अनधिकृत ले-आउट के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह बात नासुप्र सभापति मनोज सूर्यवंशी ने कही।

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि कामठी व मौदा में ऐसे तकरीबन 350 अनधिकृत ले-आउट हैं। इसी तरह हुड़केश्वर, नरसाला, बेसा, बेलतरोड़ी, पिपला, गोन्ही सिम, बहादुरा सहित शहर सीमा से सटे अनेक गांव में कुल 1 हजार से अधिक अनधिकृत ले-आउट हैं। इन ले-आउटों के नियमितीकरण से नागपुर सुधार प्रन्यास को तकरीबन 300 करोड़ रुपए विकास शुल्क के रूप में प्राप्त हो सकते हैं। प्रथम चरण में 350 अनधिकृत ले-आउट के नियमितीकरण के लिए सर्वेक्षण व आवेदन संकलित करने की जिम्मेदारी 10 अधिकारियों को दी जाएगी।

नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
प्लॉट का आरएल लेटर प्राप्त करने के लिए गुंठेवारी कानून के तहत अनेक भूखंडधारकों द्वारा आवेदन किए गए हैं। कुछ आवेदकों द्वारा विकास शुल्क भी अदा किया गया है। इन आवेदकों के प्लॉट का आरएल लेटर भी नासुप्र द्वारा जारी किया जाएगा। इसके साथ ही आरएल लेटर से संबंधित आवेदन के लिए नासुप्र द्वारा ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने पर आवेदक को मनपा-नासुप्र कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे व उन्हें ऑनलाइन आरएल लेटर उपलब्ध होंगे। नासुप्र के अविनाश कातड़े व श्री लांडगे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

की जाएगी कानूनी कार्रवाई
सूर्यवंशी ने बताया कि अनधिकृत ले-आउट को नियमित करने संबधी नोटिस जल्द प्रकाशित किया जाएगा। फिलहालन शहर सीमा से सटे सभी अनधिकृत ले-आउट का ब्योरा संकलित किया जा रहा है। जो ले-आउट नियमित किए जा सकते हैं, उन्हें शीघ्रतिशीघ्र नियमित करने का प्रयास किया जाएगा। जिस ले-आउट में सड़क, पीयू लैंड आदि का प्रावधान नहीं किया गया है, ऐसे ले-आउट तैयार करने वाले बिल्डर, डेवलपर्स पर कानूनी  कार्रवाई की जाएगी।

 

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