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अब स्टूडेंट्स दे सकेंगे ऑफलाइन मॉक टेस्ट

अब स्टूडेंट्स दे सकेंगे ऑफलाइन मॉक टेस्ट

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  जेईई मेंस और यूजीसी नेट की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को ऑफलाइन मॉक टेस्ट देने का मौका मिलेगा। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने अपनी वेबसाइट पर पेपर अपलोड कर दिए हैं। इसके लिए छात्र-छात्राएं न केवल टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर पर ऑफलाइन मॉक टेस्ट दे पाएंगे, बल्कि जो छात्र किसी कारणवश सेंटर तक नहीं जा पाते हैं, वह घर से भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें www.nta.ac.in/Quiz लिंक पर क्लिक करना होगा। जहां वह इस टेस्ट को दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह सुविधा नि:शुल्क रहेगी। साथ ही एग्जाम के ऑनलाइन वीडियो भी देख पाएंगे।

सैम्पल पेपर देख सकेंगे
सैंपल पेपर्स वेबसाइट पर स्टूडेंट्स को ऑफलाइन मॉक टेस्ट के नाम से उपलब्ध कराए गए हैं। यह ऑनलाइन मॉक टेस्ट के नीचे दिए गए विकल्प ऑफलाइन मॉक टेस्ट पर क्लिक करेंगे, तो डाउनलोड का विकल्प आएगा। इस पर क्लिक करने के बाद वे अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के सैंपल पेपर्स देख पाएंगे। इससे परीक्षार्थियों को एग्जाम का सिलेबस समझने में आसानी होगी।

गेट ने जारी की अंक सूची , अब काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे छात्र
आईआईटी मद्रास ने 16 मार्च को गेट-2019 का परीक्षा परिणाम घोषित किया था। 20 मार्च को इसकी अंक सूची जारी कर दी। जो इस परीक्षा में सफल रहे हैं, वो अपनी अंक सूची आईआईटी मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट www.gate.iitm.ac.in  से डाउनलोड कर सकते हैं।
गेट-2019 पास करने वाले आवेदकों को मास्टर्स कोर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा और इसके लिए अलग से काउंसलिंग आयोजित की जाती है। गेट परीक्षा पास करने वाले आईआईटी, एनआईटी, आईआईएससी बंगलुरु और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में पीजी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। प्रवेश उन्हें गेट के अंकों के आधार पर ही मिलेगा। इसके अलावा देश की बड़ी पीएसयू कंपनियां गेट के अंकों के आधार पर विभिन्न पदों को भरने के लिए आवेदन मंगाती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।