आतंक: नक्सलियों ने वनरक्षकों की बेरहमी से पिटाई कर छिन लिए मोबाइल

January 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, एटापल्ली (गड़चिरोली)। तहसील के गट्टा वनपरिक्षेत्र कार्यालय में वनरक्षक के रूप मंे कार्यरत 2 कर्मचारियों की नक्सलियों द्वारा बड़ी ही बेरहमी से पिटाई करने की घटना क्षेत्र के नारगुंड़ा जंगल में उजागर हुई है। मंगलवार की दोपहर हुई इस घटना में नक्सलियों ने िवसामुंडी के वनरक्षक जागेश्वर चुलगाये और नारगुंडा के हुकेश राऊत की पिटाई की और उनसे एक दोपहिया, दो मोबाइल समेत अन्य सामग्री छिन ली। पिटाई के बाद शाम के दौरान दोनों को क्षेत्र में काम न करने की चेतावनी देते हुए उन्हें छोड़ दिया गया। भामरागढ़ पहुंचने के बाद दोनों पर उपचार कराने के बाद उन्हें आलापल्ली के उनके निवासस्थान छोड़ा गया।   

जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह 8 बजे के दौरान वनरक्षक जागेश्वर और हुकेश आलेंगा उपक्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम विसामुंडी मंे वन तालाब के कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। काम निपटाने के बाद ग्रामीणों से चर्चा के उपरांत दोनों अपनी दोपहिया से वापस लौट रहे थे। इसी बीच सुबह 11.30 बजे के दौरान विसामुंडी नाले के पास बंदूकधारी नक्सलियों ने उनकी दोपहिया रोकी और उनके दोनों हाथ बांधकर घटनास्थल से करीब डेढ़ किमी दूर जंगल ले गये। घने जंगलों में मौजूद बंदूकधारी नक्सलियों ने वनरक्षकों को इस क्षेत्र में कार्य न करने की चेतावनी देते हुए उनकी बड़ी ही बेरहमी से पिटाई कर दी। साथ ही दोनों वनरक्षकों से उनकी दोपहिया, 2 मोबाइल, जीपीएस मशीन और पीओआर बुक भी छिन ली। घटना के बाद दोपहर करीब 1 बजे के दौरान मूसलाधार बारिश के बीच जागेश्वर और हुकेश को रिहा कर दिया। ताड़गांव पुलिस थाना पहुंचने के बाद पुलिस की मदद से दोनों वनरक्षकांे को भामरागढ़ तहसील मुख्यालय पहुंचाया गया, जिसके बाद उन पर उपचार कराया गया। इस मामले में भामरागढ़ पुलिस थाने में अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। दोनों को आलापल्ली स्थित निवासस्थान में छोड़ा गया। 

वनरक्षकों ने की तबादले की मांग : घटना के बाद बुधवार को जागेश्वर चुलगाये और हुकेश राऊत ने वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को िनवेदन भिजवाकर उनका तबादला देसाईगंज वनविभाग में कराने की मांग की है। उन्हांेने बताया कि, क्षेत्र में उनकी जान को खतरा है। इस कारण यथाशीघ्र तबादला कराने की मांग दोनों वनरक्षकों ने की है।