कोरोना मरीज परेशान: मनपा से न तो फोन आया, न ली खोज-खबर

January 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर । कोरोना की गति तेज है, पर स्वास्थ्य व्यवस्था फिसड्डी नजर आ रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों तक न तो मनपा की टीम पहंुच रही है और न ही उनके पास कोई व्यवस्था है। ऐसे में होम आइसोलेटेड मरीजों को दवा लेने खुद ही मेडिकल स्टोर तक जाना पड़ रहा है। जनवरी माह से कोरोना संक्रमितों का अांकड़ा अचानक से बढ़ने लगा। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रशासन की पोल खुल रही है। 

खुद दवा लाए
बर्डी निवासी 44 वर्षीय महिला ने बताया कि वे और उनके पति 6 जनवरी को कोरोना पॉजिटिव आए। घर में 8 वर्ष की बेटी और 5 वर्ष का बेटा भी है, जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। हमें मनपा की तरफ से कोई दवा नहीं मिलीं। फैमिली डॉक्टर से कंसल्ट कर पति खुद ही मेडिकल स्टोर्स गए और वहां से दवा लाए। घर में छोटे बच्चे हैं, इसलिए सावधानी बरती।

सिर्फ सलाह
धंतोली निवासी एक अन्य 50 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि मेरी रिपोर्ट 2 जनवरी को पॉजिटिव आई थी। मनपा के कॉल सेंटर से कॉल आया। टीम भी घर आई। टीम ने घर के सभी सदस्यों का जायजा लिया। होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई। साथ ही एक-दो दिन में दवा भिजवाने की बात भी कही। अब तो मैं पूरी तरह से स्वस्थ भी हो गया, लेकिन मनपा से कोई दवाएं नहीं मिलीं।
  
रिपोर्ट पॉजिटिव...होम आइसोलेट मरीजों की सुध लेना भूली मनपा
 कोरोना की गति तेज है, पर स्वास्थ्य व्यवस्था फिसड्डी नजर आ रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों तक न तो मनपा की टीम पहंुच रही है और न ही उनके पास कोई व्यवस्था है। ऐसे में होम आइसोलेटेड मरीजों को दवा लेने खुद ही मेडिकल स्टोर तक जाना पड़ रहा है। जनवरी माह से कोरोना संक्रमितों का अांकड़ा अचानक से बढ़ने लगा। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रशासन की पोल खुल रही है।