दैनिक भास्कर हिंदी: मध्य प्रदेश में वृत्ति कर की नई दरें प्रभावशील

July 31st, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में वृत्ति कर की नई दरें प्रभावशील हो गई हैं। यह स्थिति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा विधानसभा द्वारा गत वर्षाकालीन सत्र में पारित मप्र वृत्ति कर संशोधन विधेयक को मंजूर करने के कारण बनी है। ये नई दरें गत 1 अप्रैल 2018 से प्रभावशील की गई हैं।

नये कानून के अनुसार अब ऐसे नियोजन जिनमें व्यक्ति का वार्षिक वेतन या मजदूरी 2 लाख 25 हजार रुपए से अधिक नहीं है, उस पर कोई वृत्ति कर नहीं लगेगा। जबकि जिनका वार्षिक वेतन या मजदूरी 2 लाख 25 हजार रुपए से अधिक किन्तु 3 लाख रुपए से अधिक नहीं है, उन पर वृत्ति कर 1500 रुपए या 125 रुपए प्रति माह लगेगा। इसी प्रकार जिनका सालाना वेतन 3 लाख रुपए से अधिक किन्तु 4 लाख रुपए से अधिक नहीं है, पर 2 हजार रुपए या ग्यारह माह तक प्रति माह 166 रुपए एवं बारहवें माह में 174 रुपए वृत्ति कर लगेगा।

जिनका सालाना वेतन या मजदूरी 4 लाख रुपए से अधिक है, उन्हें 2500 रुपए वृत्ति कर देना होगा या 11 माह तक 208 रुपए प्रति माह एवं बारहवें माह 212 रुपए वृत्ति कर देना होगा। इससे पहले 1 लाख 80 हजार रुपए सालाना वेतन या मजदूरी पर कोई वृत्ति कर नहीं लगता था तथा 1 लाख 80 हजार रुपए से ज्यादा वेतन या मजदूरी पर 2500 रुपए वृत्ति कर लगता था।

माल या सेवा के विक्रय पर वृत्ति कर की नई दरें
अब जो व्यापारी वेट या जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं एवं माल व सेवा का विक्रय करते हैं, उन पर 20 लाख रुपए सालाना टर्न ओवर पर कोई वृत्ति कर नहीं लगेगा तथा 20 लाख रुपए से अधिक सालाना टर्न ओवर पर 2500 रुपए वृत्ति कर वसूला जायेगा। पहले व्यापारियों पर 50 हजार रुपए सालाना आय पर कोई वृत्ति कर नहीं लगता था तथा 50 से 60 हजार रुपए सालाना आय पर 1 हजार रुपए, 60 से 1 लाख 20 हजार रुपए सालाना आय पर 1500 रुपए तथा 1 लाख 20 हजार रुपए से अधिक सालाना आय पर 2500 रुपए वृत्ति कर लगता था।

इनका कहना है
‘वित्त मंत्री ने अपने सालाना बजट को पेश करने के दौरान वृत्ति कर की नई दरों की घोषणा की थी जिस पर विधानसभा में संशोधन विधेयक पास हुआ और अब राज्यपाल के हस्ताक्षर होने से ये नई दरें प्रभावशील हो गई हैं।’
- एसडी रिछारिया, उप सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग मप्र