दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस के नेतृत्व में महागठबंधन बनना संभव नहीं : आंबेडकर

September 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का महागठबंधन बनाने के प्रयास में जुटी कांग्रेस की उम्मीदों पर भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने पानी फेर दिया है।  आंबेडकर ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का महागबंधन नहीं बन पाएगा। उन्होंने कहा कि हर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों के अपने-अपने हित हैं। इसलिए कांग्रेस के नेतृत्व में महागठबंधन संभव नहीं होगा। 

क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ लड़ने में सक्षम

सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में आंबेडकर ने कहा कि कांग्रेस सहित दूसरे राष्ट्रीय दल भाजपा से लड़ने से कतराते हैं। महागठबंधन के लिए कांग्रेस और वामदल कोई कोशिश करते नजर नहीं आते। क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ लड़ने में सक्षम हैं। आंबेडकर ने कहा कि महागठबंधन हो या नहीं। लेकिन अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए जरूर हारेगी। भाजपा को क्षेत्रीय दल ही हराएंगे। 

मुझे सांसद बनाने में पवार का कोई योगदान नहीं

आंबेडकर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार पर भी पलटवार किया। पवार ने कहा था कि आंबेडकर राष्ट्रवादी कांग्रेस के समर्थन से ही दो बार सांसद बने थे। इसके जवाब में आंबेडकर ने कहा कि मेरे सांसद बनने में पवार का कोई योगदान नहीं रहा है। पवार झूठ बोल रहे हैं। आंबेडकर ने कहा कि साल 1997-98 में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी के साथ चर्चा करके मैंने गठबंधन किया था। साल 1999 में पवार ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बना ली थी। इसलिए दोनों बार के चुनाव में मेरी जीत में पवार की कोई भूमिका नहीं रही है। 

हमारे हाथ होगी महाराष्ट्र की राजनीति

कांग्रेस से तालमेल के सवाल पर आंबेडकर ने कहा कि हमने कांग्रेस के नेताओं से कहा है कि हम गठबंधन करना चाहते हैं। आंबेडकर ने कहा कि हम साल 1990 में महाराष्ट्र की राजनीति को अपने हाथों में लेने के लिए मैदान में कूदे थे। अब मैं फिर से दावे के साथ कह सकता हूं कि हम लोग महाराष्ट्र की राजनीति अपने हाथ में लेंगे। 

 राफेल लड़ाकू विमान खरीदी पर घेरा

आंबेडकर ने राफेल लड़ाकू विमान खरीदी पर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। आंबेडकर ने कहा मरम्मत कार्य को मिलाकर 712 करोड़ के विमान को 1600 करोड़ रुपए में खरीदने के लिए करार किया गया है। यह करार बिल्कुल गैरकानूनी है। आंबेडकर ने कहा कि ज्यादा दर पर विमान खरीदी से बड़ा मसला उसके रखरखाव पर खर्च को लेकर है। आंबेडकर ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया के बाद सरकार को विमान के रखरखाव, मरम्मत और युद्ध की स्थिति में लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहने लायक बनाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए देना पड़ेगा। 
 

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