दैनिक भास्कर हिंदी: अब नागपुर में ब्लैक फंगस ने घेरा, मार्केट से एंफोटेरिसिन बी. इजेक्शन गायब

May 18th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर ।  जिले में नए संक्रमितों की संख्या अब 1000 के अंदर आ चुकी है। डिस्चार्ज होने वालों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना औसतन 4000 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो रहे हैं। परेशानी यह है कि इस राहत के बाद म्यूकर माइकोसिस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। म्यूकर माइकोसिस से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है।

15 मरीजों को ईएनटी विभाग में किया रेफर
 जिन लोगों को पहले से मधुमेह था, उन्हें कोरोना संक्रमण के दौरान स्टेरॉयड दिए गए। ज्यादातर ऐसे मरीजों को म्यूकर माइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की परेशानी हो रही है। अब तक इस बीमारी के 24 मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। 19 मरीजों का इलाज जारी है, जबकि  इससे 4 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि 6 मरीज पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं, पर 15 मरीजों को ईएनटी विभाग में रेफर भी किया गया है।

मस्तिष्क तक पहुंचने के बाद 80% की मौत
कोरोना होने के बाद यदि मधुमेह के मरीज को स्टेरॉयड देते हैं तो ब्लड शुगर कम हो जाती है। इससे म्यूकर माइकोसिस की समस्या बढ़ जाती है। इसकी शुरुआत नाक से होती है। मस्तिष्क तक पहुंचने के बाद 80% मरीजों की मौत हो जाती है।

मेडिकल में नहीं पहुंचे इंजेक्शन
म्यूकर माइकोसिस के मरीजों की पहचान की जा रही है, मगर इसके इलाज में उपयोग होने वाले एंफोटेरिसिन बी. इजेक्शन बाजार से पूरी तरह खत्म हो गए हैं। मेडिकल में भी पिछले 4 दिनों से इंजेक्शन नहीं है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को ही बाहर से व्यवस्था करने के लिए कहा जा रहा है। प्रबंधन का कहना था कि सोमवार को इंजेक्शन आने वाले हैं, लेकिन उपलब्ध नहीं हो पाए। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।