ईजाद: अब हर कार में लगेगा रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम

February 28th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जल्द ही कार व अन्य चौपहिया वाहनों में रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम नजर आएंगे। इस सिस्टम को शहर के एक इंजीनियर द्वारा तैयार किया गया है जिसे पेटेंट करा लिया गया है। ऑटोमोबाइल इंजीनियर निखिल उंबरकर के मुताबिक इस सिस्टम का उपयोग होने पर 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली कार को पलभर में रोका जा सकेगा।  रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम को पेंटट करने के बाद पेटेंट कार्यालय द्वारा आगामी वर्ष 2023 में जून-जुलाई में निखिल के अविष्कार की संपूर्ण जानकारी लेकर एक परीक्षा आयोजित की गई है। निखिल के मुताबिक इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर उसे पेटेंट संबंधी सभी अधिकारी प्राप्त हो जाएंगे, जिसके बाद वे देशभर में कार व अन्य चौपहिया वाहनों में रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम लगवाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गतिविधियां तेज कर देंगे। 

इस तरह काम करेगा सिस्टम : हवा की ताकत का उपयोग तेज रफ्तार कार को रोकने के लिए किया जा सकता है। इस विचार से अभिभूत निखिल ने कार में रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम लगाने का निर्णय लिया। महज 15 हजार रुपए की लागत से आरएफबी को विकसित कर निखिल ने प्रायोगिक तौर अपनी कार में इसका उपयोग किया। इस सिस्टम में कार की छत पर डैने उल्टे (विपरीत दिशा में) लगाए गए। यह डैने इस तरह तैयार किए गए हैं कि, हवा की ताकत को वाहन की छत से वाहन के पहियों पर केंद्रित किया जा सके। इन डैनों को एक न्यूमैट्रिक सिलेंडर से जोड़ गया है जो एयर कम्प्रेसर का काम करता है। कार में ब्रेक लगाने पर न्यूमैट्रिक सिलेंडर से कार की छत पर लगे डैने 0.25 सेकंड में ही खुल जाते हैं। डैनों के खुलते ही तेज रफ्तार से दौड़ती कार हवा के विपरीत दबाव उत्पन्न करती है। कार की छत से उत्पन्न यह दबाव फर्राटे भर रहे पहियों पर पड़ता है और पहिये जमीन से चिपक जाते हैं। इससे वाहन की गति नियंत्रित हो जाती है और कार पलभर में ही सुरक्षित रूप से रुक जाती है। 

20-25 फीट पहले रुक जाती है कार : अपनी कार में लगे इस रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम के जरिए निखिल ने 150 किमी की रफ्तार से दौड़ती कार को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है। निखिल के मुताबिक इस सिस्टम के लगाने पर कार तुलनात्मक रूप से 20-25 फीट पहले ही रुक जाती है। यह सिस्टम दुर्घटना को नियंत्रित करने में बेहद कारगर हो सकता है।

सीमेंट सड़क पर कार रोकने में नहीं होगी परेशानी : उपराजधानी में सीमेंट सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। कोलतार की सड़क के मुकाबले सीमेंट सड़क अधिक सपाट होती है। इन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों को रोकने पर फिसलने का खतरा रहता है। इससे सड़क दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। देश में हर साल 5 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिसमें डेढ़ लाख से अधिक लोग मौत के शिकार होते हैं। रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम के जरिए चौपहिया वाहनों की गति को तत्काल कम कर दुर्घटना की संभावनाओं को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

और तकनीकी सुधार का प्रयास कर रहे हैं :तेज रफ्तार वाहन में अचानक ब्रेक लगाने पर वह अनियंत्रित होने का खतरा रहता है। अचानक ब्रेक लगने पर कार की दिशा बदल जाती आैर अनियंत्रित कार के टकराने का डर होता है। रूफ फ्लैप ब्रेक सिस्टम तैयार करने के बाद निखिल अब एक और तकनीकी सुधार का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि, उनका नया प्रयोग सफल हुआ, तो तेज रफ्तार कार को रोकने पर उसकी दिशा में बदलाव नहीं आएगा। निखिल के मुताबिक कार का स्टेयरिंग नियंत्रित रहेगा तथा कार सुरक्षात्मक रूप से रुक जाएगी।