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अब लंबी दूरी के लिए चलाई जाएगी किसान रेल

अब लंबी दूरी के लिए चलाई जाएगी किसान रेल

डिजिटल डेस्क, नागपुर। किसानों के लिए वरदान साबित हो चुकी किसान रेल अब पहले से भी लंबी दौड़ लगानेवाली है। दपूम नागपुर मंडल अंतर्गत 48 घंटे में छिंदवाड़ा से 26 किमी दूर तिनसुकिया तक वाया इतवारी होकर चलाने की तैयारी में है। जिसके लिए हावड़ा से रैक भी मंगाई गई है। किसानों की जरूरतों को देखते हुए मंडल की ओर से मुख्यालय से किसान रेल चलाने की अनुमति मांगी गई थी। जिसके बाद मुख्यालय की ओर से किसान रेल चलाने को लेकर अनुमति दी गई है। बता दे, कि इससे पहले भी मंडल द्वारा दो बार किसान रेल चलाई गई है। जो कि छिंदवाड़ा से हावड़ा तक गई थी। इसमें 200 टन कृषि उपज की ढुलाई की गई थी।

अभी तक किसानों की उपज को एक बाजार से दूसरे शहर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए केवल सड़क मार्ग पर किसान व व्यापारी को निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन इसमें ज्यादा किराये से लेकर माल पहुंचने में देरी से लेकर सब्जियां, फल खराब होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार की ओर से किसान रेल का शुभारंभ करने का निर्णय लिया। अगस्त माह में इसे पहली बार देश में चलाया गया। जिसके बाद विभिन्न मंडलों के माध्यम से किसान रेल को चलाया जाने लगा। किसानों को माल ढुलाई में 50 प्रतिशत रियायत देने से यह रेल किसानों के लिए वरदान साबित हुई। 

 दपूम रेलवे नागपुर मंडल की बात करें तो पहली बार 28 अक्टूबर व दूसरी बार 2 दिसंबर को किसान रेल छिंदवाड़ा से हावड़ा के बीच चलाई गई थी जिसमें 200 टन तक कृषि उपज भेजा गया था।   बाद में किसान रेल  नहीं चलाये जाने से जगह-जगह से इसे चलाने की मांग बढ़ने लगी थी।  मंडल ने इन मांगों को मुख्यालय तक पहुंचाया। जिस पर सकारात्मक रवैया दिखाते हुए फिर किसान रेल को चलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि इस बार लंबी दूरी तक इसे चलाने का निर्णय लिया गया है। पहले दो बार चली किसान रेल को 12 किमी तक चलाया गया था। लेकिन इस बार यह रेल 26 सौ किमी का सफर तय करनेवाली है। छिंदवाड़ा से शुरू होकर गाड़ी पहले इतवारी स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां से भंडारा, गोंदिया, रायपुर, बिलासपुर, खड़कपुर, मालदा होते हुए तिनसुकिया पहुंचनेवाली है। रेल अधिकारियों की मानें तो आनेवाले 48 घंटों में इसे चलाया जानेवाला। जिसके लिए 100 टन प्याज तिनसुकिया तक जाने के लिए तैयार है।   

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।