आफत: अब ऑटो पासिंग के लिए लगेंगे 18 महीने

October 12th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य सरकार ने परिवहन विभाग को एक आदेश जारी कर 31 अक्टूबर तक सभी ऑटो की जांच कर फिटनेस सर्टिफिकेट देने को कहा है। 1 नवंबर से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद नागपुर शहर के ऑटोचालक चिंता में हैं। शहर में 18500 ऑटो हैं। इन सभी को फिटनेस सर्टिफिकेट लेना है। लेकिन आरटीओ कार्यालय में हर दिन केवल 40 से 50 ऑटो को ही फिटनेस सर्टिफिकेट मिल रहा है। 20 दिन काम करने पर 1000 ऑटो को ही सर्टिफिकेट मिल पाएगा। इस हिसाब से 18500 ऑटो को 18 महीने से अधिक समय लगेगा।

सरकार के आदेश के बाद हर रोज आरटीओ कार्यालय में 40 से 50 ऑटो पासिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इन सभी ऑटो चालकों ने वाहन पोर्टल पर सितंबर महीने से पहले ऑनलाइन स्लॉट बुक किया था। 30 नवंबर तक स्लॉट बुक है। 1 दिसंबर से स्लॉट में तारीख देना बंद है। ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। इसका कारण यह है कि आरटीओ ने अपने निरीक्षकों की संख्या और काम की क्षमता को देखते हुए ऐसा कर रखा है। शहर के ऑटो की संख्या और पासिंग की गति को देखे तो 17500 ऑटो पासिंग करने का काम पूरा करने के लिए 17 महीने से अधिक यानी मार्च 2023 तक का समय लगेगा।

31 अक्टूबर तक करना है पूरा काम : शहर में दौड़ने वाले ऑटो के लिए हर दो साल में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। आम भाषा में इसे पासिंग करवाना कहा जाता है। पिछले दो साल से कोरोना के चलते यह काम बंद था। 1 सितंबर 2021 से फिर से पासिंग का काम शुरू हुआ है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने अपने एक आदेश में कहा है कि सभी ऑटो का पासिंग 31 अक्टूबर तक हो जाना चाहिए। इसके बाद 1 नवंबर से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। 

एक ही ट्रैक के भरोसे पासिंग
सूत्रों के अनुसार आरटीओ द्वारा कर्मचारियों की कमी का रोना रोया जा रहा है। बताया जाता है कि यहां वर्धा से 2 निरीक्षक बुलाए गए हैं। इस समय 5 निरीक्षकों द्वारा यह काम किया जा रहा है। इनकी संख्या और बढ़ाना जरूरी है। दूसरी समस्या यह है कि आरटीओ 49 और आरटीओं 31 दोनों के वाहनों को एक ही स्थान पर आरटीओ पूर्व यानी 49 में भेजा जाता है। पासिंग के लिए यहीं पर ट्रैक है।

दूसरे स्थान पर ट्रैक नहीं है। यहां ऑटो के अलावा अन्य सभी प्रकार के वाहन पासिंग के लिए आते हैं। इसलिए केवल ऑटो को जल्द पासिंग की अलग से व्यवस्था कर पाना संंभव नहीं है।

 

 

खबरें और भी हैं...