दैनिक भास्कर हिंदी: अब मनपा कोरोना वैक्सीन खरीदेगी, राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार

May 7th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महापौर दयाशंकर तिवारी ने कहा कि मनपा ने अपनी निधि से कोरोना वैक्सीन खरीदने का निर्णय लिया है, पर इसके लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने पर शहर में वैक्सीनेशन को गति दी जाएगी। स्थायी समिति सभागृह में वे पत्र परिषद को संबोधित कर रहे थे।  उन्हाेंने आह्वान किया कि नगरसेवक, विधायक व सभी जनप्रतिनिधि अपना मानधन स्वेच्छा से वैक्सीन खरीदी के लिए समर्पित करें। आर्थिक रूप सक्षम नागरिक अपनी वैक्सीन की कीमत मनपा की सहायता निधि में जमा करने अागे अाएं। उद्योजक व व्यवसायियों से भी सीएसआर निधि इस काम में खर्च करने का आह्वान महापौर ने किया। 

जम्बो अस्पताल की निधि का उपयाेग
महापौर ने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए मनपा के पास 10 करोड़ रुपए निधि उपलब्ध है। जम्बो अस्पताल के लिए यह निधि रखी गई थी। उस निधि से वैक्सीन खरीदी के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है। आवश्यकता पड़ने पर और भी निधि उपलब्ध कराई जाएगी। 

फडणवीस, दटके व मते ने कराई 1-1 कराेड़ की निधि उपलब्ध 
महापौर ने जनप्रतिनिधियों से अपने विकास निधि से वैक्सीन खरीदी के लिए निधि देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने 1 करोड़ निधि उपलब्ध करा दी है। 
विधायक प्रवीण दटके व मोहन मते ने 1-1 करोड़ निधि देने का पत्र दिया है। शहर के सांसद, सभी विधायक, नगरसेवक भी अपने-अपने विकास निधि से मनपा को आर्थिक सहयोग करें।   

यहां से आएगी निधि

मनपा के पास उपलब्ध निधि10 करोड़ रुपए।
विधायकों से एक-एक करोड़ व         सांसद से 2 करोड़
नगरसेवकों की विकास निधि से         10-10 लाख
जनप्रतिनिधियों के मानधन से         स्वेच्छा से दिया दान
सक्षम नागरिकों से वैक्सीन की         कीमत जमा होगी।
उद्योजक, व्यवसायियों से         सीएसआर फंड से सहायता। 

त्रासदी से निपटना लक्ष्य 
महापौर तिवारी ने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए गत सप्ताह त्रासदी भरा रहा। सरकार से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण शहर में वैक्सीनेशन बंद करने की नौबत आई। वैक्सीन लगाने की आस लेकर सेंटर पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों को बिना वैक्सीन लगाए वापस लौटना पड़ा। पार्टी के नेता नितीन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा के बाद वैक्सीन खरीदी की दिशा में संभावना तलाशने का निर्णय हुआ। आयुक्त से राज्य के प्रधान सचिव तक चर्चा करने का सुझाव दिया गया। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर वैक्सीन खरीदी के लिए अनुमति मांगी गई है। राज्य सरकार की अनुमति मिलने पर वैक्सीन खरीदी कर वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने पर जोर रहेगा।