सख्ती: अब आरटीपीसीआर के बिना कैदी या आरोपी जेल के अंदर नहीं आ पाएंगे

January 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर । सेंट्रल जेल में अब कैदी या आरोपी लेकर आने वाले पुलिसकर्मी को ही उसकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट देनी होगी। जांच के बिना संबंधित कैदी या आरोपी को जेल के अंदर आने की अनुमति नहीं मिलेगी। एहतियात के ताैर पर जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया गया है। शहर के सभी थानों के वरिष्ठ अधिकारियों से जेल प्रशासन ने गुजारिश किया है कि वह किसी भी आरोपी या कैदी को जेल में लाते समय उसकी आरटीपीसीआर जांच कराकर लाएं। इसकी पुष्टि जेल अधीक्षक अनूप कुमरे ने की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कैदियों को सावधानी बरतने और गर्म पानी पीने के आदेश दिए गए हैं। 

दूसरी लहर में सैकड़ों हुए थे पॉजिटिव : जेल में पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण ने सैकड़ों कैदियों और कर्मचारियों को अपनी चपेट में लिया था। नागपुर की सेंट्रल जेल में एक समय ऐसा भी आ गया था जब सबसे अधिक संक्रमित कैदी पाए गए थे। इसलिए इस बार जेल प्रशासन ने पहले ही एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। जेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि जेल में कैदी को लाने के बाद उसकी आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट देखी जाएगी। उसके बाद उसे सेंट्रल जेल परिसर में बने मंगलमूर्ति लॉन के अंदर 7 दिन तक क्वारेंटाइन किया जाएगा। उसके पश्चात उसकी जांच कराई जाएगी। फिर उसे जेल के अंदर बने अलग क्वारेंटाइन सेंटर के अंदर 14 दिन तक रखा जाएगा। उसके बाद उसकी जेल प्रशासन आरटीपीसीआर जांच कराएगा। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उसे बैरक के अंदर दूसरे कैदियों के बीच रखा जाएगा। 

हर दिन 50 से अधिक आरोपी-कैदी लाए जाते हैं : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नागपुर की सेंट्रल जेल में हर रोज तकरीबन 50 से अधिक कैदी या आरोपी लाए जाते हैं। इतनी ही संख्या में कैदी या आरोपी जेल से बाहर जमानत पर छूटते हैं। जेल अधीक्षक अनूप कुमरे ने  पुलिस प्रशासन से गुजारियों की है कि किसी भी कैदी या आरोपी को जेल में लाते समय पहले उसकी आरटीपीसीआर जांच करा लें। जेल प्रशासन पर कार्य का अधिभार नहीं बढ़ेगा। 

जांच करानी जरूरी : जेल के अंदर किसी भी आरोपी और कैदी को लाते समय उसकी आरटीपीआर की जांच संबंधित पुलिस दल को करानी होगी। उसकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही उसे मंगलमूर्ति लॉन में 7 दिन तक क्वारेंटाइन किया जाएगा। उसके पश्चात उसे जेल के अंदर बने क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रखा जाएगा।  - अनूप कुमरे, अधीक्षक,  सेंट्रल जेल, नागपुर