दैनिक भास्कर हिंदी:  नागपुर की रडार से हर दिन गुजरने वाले विमानों की संख्या 800 पार

December 14th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आज के दौर में तकनीक जितनी सुविधा जनक है उतनी ही नुकसान दायक भी। समय के साथ अपराध करने के तरीके भी बदल गए हैं। सोशल मीडिया और नेट बैकिंग के दौर में  हाईटेक अापराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। जहां पीड़ित एक गलत क्लिक से पलक झपते ही जीवन भर की गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। साइबर विशेषज्ञोें का कहना है कि यह अपराध िकसी राज्य, शहर या गांव तक सीमित नहीं है यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ  है। बार-बार सावधान करने के बाद भी लोग अपना ओटीपी नंबर, लिंक शेयर करना, व्यक्ति और अपने खाते की गोपनीय जानकारी जाने अनजाने में िकसी से भी शेयर कर देते हैं।

ऑनलाइन खरीदी बिक्री के नाम पर ठगी
नागपुर के मेडिकल अस्पताल की नर्स वेणुताई तुरनकर के पति किताबें खरीदी-बिक्री का धंधा करते हैं। बुकों की ऑनलाइन बिक्री करने के लिए वेणुताई के बेटे ने ओएलएक्स पर इसका विज्ञापन दिया। जिससे वेणुताई के पति का ग्राहक के रूप में साइबर अपराधी से संपर्क हुआ। उसने बुक खरीदने का झांसा दिया। बुक का भुगतान करने के नाम पर बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल की। इसके बाद उसे लिंक भेजी। लिंक भेजने के बाद साइबर अपराधी ने 11 बार तुरनकर के खाते से ऑनलाइन ट्राजेंशन कर 55 हजार रुपए से ज्यादा की रकम निकाल ली। इसके बाद संबंधित कंपनी मंे शिकायत की, तो उसने भी 25 हजार रुपए निकाल लिए। यह मामला 19 अगस्त 2019 को स्थानीय साइबर सेल और प्रताप नगर पुलिस के पास पहुंचा अभी तक आरोपी पकड़ में नहीं आया। 

धंतोली मेहाड़िया चौक निवासी कमलेश दाढ़े नामक व्यक्ति की पत्नी को भी फोर्ट लिफ्ट मशीन आॅनलाइन बेचने का झांसा देकर एक लाख रुपए से ठग लिया गया। ढाई लाख रुपए में सौदा हाेने के बाद एक लाख रुपए एडवांस में देने की बात तय हुई। एक लाख रुपए देने के बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया। यह घटना 11 सितंबर 2019 को हुई। 

रहें सतर्क
साइबर सेल के पूर्व निरीक्षक विशाल माने का कहना है िक ऑनलाइन खरीदी भले ही सुविधा जनक है, लेकिन इससे होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए पूरी पड़ताल करने के बाद ही आगे का व्यवहार करें। जब तक आप संतुष्ट नहीं हों तब तक अपनी कोई भी गोपनीय जानकारी संबंधित व्यक्ति से शेयर न करें।