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महिला को स्टाफ नर्स ने बनाया बंधक- रिहाई के लिए मांगे पांच हजार

महिला को स्टाफ नर्स ने बनाया बंधक- रिहाई के लिए मांगे पांच हजार

डिजिटल डेस्क,अनूपपुर । जिला चिकित्सालय अनूपपुर की एक स्टाफ नर्स द्वारा गर्भपात कराने आई एक ग्रामीण महिला को न केवल बंधक बना लिया बल्कि उसकी रिहाई के लिए पांच हजार रूपये की मांग भी की गई । महिला के पति की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है ।
यह है मामला-
 22 मार्च की दोपहर भालूमाड़ा थानान्तर्गत बिछियाडांड में निवास करने वाला शीतल प्रजापति अपने एक वर्षीय पुत्र जीवन का इलाज कराने के लिए जिला चिकित्सालय आया  था। साथ में उसकी पत्नी भी थी। जिला चिकित्सालय में ही बातों के दौरान उसकी पत्नी ने किसी स्टाफ नर्स  को बताया कि वह दो महीने की गर्भवती है और गर्भपात कराना चाहती है। मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स ने रजनी नामक स्टाफ नर्स से  बात कराई। रजनी ने 1500 रुपए में गर्भपात करने की बात स्वीकार कर ली, और कल्पना प्रजापति को अपने घर ले गई।
रुपए को लेकर हुई बहस-
22 मार्च की रात कल्पना प्रजापति स्टाफ नर्स रजनी के घर पर ही रही। 23 मार्च की दोपहर स्टाफ नर्स ने गर्भवती के पति से 5 हजार रुपयों की मंाग की साथ ही रुपए मिलने के बाद ही गर्भपात करने व महिला को घर ले जाने की बात कही। रुपए नहीं होने की बात जब शीतल प्रजापति के द्वारा कही गई तो स्टाफ नर्स ने महिला को नहीं छोडऩे की धमकी भी दे डाली।
पति पहुंचा पुलिस की शरण में-
 23 मार्च की दोपहर 3 बजे शीतल प्रजापति कोतवाली अनूपपुर पहुंचा। जहां उसने अपनी आप बीती थाने में मौजूद कोतवाली प्रभारी प्रफुल्ल राय को बतलाई। तत्काल ही उप निरीक्षक सुश्री विशाखा उरवेती  के साथ ही टीम को फरियादी के साथ स्टाफ नर्स के घर भ्ेाजा गया। स्टाफ नर्स को जैसे ही सूचना मिली वह गर्भवती महिला को अपनी गाड़ी में बैठाकर उसे उसके घर छोडऩे के लिए रवाना हो गई। पुलिस को तलाशी के दौरान शीतल प्रजापति द्वारा वह जगह भी दिखलाई गई, जहां पर रातभर  कल्पना प्रजापति को रखा गया था।
महिला को पहुंचाया घर
स्टाफ नर्स के घर पर पहुंची उप निरीक्षक ने जब बच्चों व वहां मौजूद  व्यक्ति से स्टाफ नर्स रजनी के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता व्यक्त की। वहीं लगभग 5 बजे कल्पना प्रजापति ने मोबाइल पर अपने पति शीतल को बतलाया कि उसे स्टाफ नर्स रजनी के द्वारा बिछिया डांड स्थित घर में छोड़ दिया गया है। वहीं पुलिस अब सिविल सर्जन तथा स्टाफ नर्स को नोटिस भी दी जा रही है। दोनों के जवाब मिलने के बाद कार्यवाही को आगे बढाया जाएगा। रूपए नहीं मिलने के कारण महिला का गर्भपात नहीं किया गया था।
इनका कहना है
मामले की विवेचना की जा रही है। संबंधितो को नोटिस जारी कर बयान लिए जा रहे हैं।
प्रफुल्ल राय, कोतवाली प्रभारी अनूपपुर
मामले की जानकारी लेते हुए दोषी पाए जाने पर स्टाफ नर्स के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. एसआर परस्ते, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय अनूपपुर

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