दैनिक भास्कर हिंदी: शिक्षकों के ऑफ लाइन तबादले से बढ़ेगा भ्रष्टाचारः पंकजा मुंडे

July 16th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  भाजपा नेता तथा प्रदेश की पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने राज्य के जिला परिषद स्कूलों के प्राथमिक शिक्षकों के जिला अंतर्गत तबादले ऑफलाइन पद्धति से करने का विरोध किया है। गुरुवार को पंकजा ने कहा कि शिक्षकों के जिला अंतर्गत ऑफलाइन तबादले से भ्रष्टाचार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि  जिन शिक्षकों का कोई गॉडफादर नहीं है उनका शोषण होगा। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पंसद के शिक्षकों का ही तबादला हो सकेगा। इसलिए सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए।

मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में पत्र लिखूंगी। वहीं पंकजा के आरोपों पर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षकों के 15 प्रतिशत तबादले की अनुमति दी गई है। शिक्षकों का अंतर जिला तबादला ऑनलाइन है। केवल जिला अंतर्गत तबादला ऑफलाइन पद्धति से होगा। शिक्षकों के जिला अंतर्गत ऑफलाइन तबादले में कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा। किसी शिक्षक पर अन्याय नहीं होगा। यदि किसी शिक्षक पर अन्याय होगा तो उसके लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। मुश्रीफ ने कहा कि कोरोना संकट में शिक्षकों का तबदला नहीं किया जाने वाला था लेकिन शिक्षक संगठनों के दबाव में यह फैसला लेना पड़ा।

मुश्रीफ ने कहा कि शिक्षकों के ऑफलाइन तबादले के लिए केवल इसी साल अनुमति दी गई है। अगले साल से सभी शिक्षकों के तबादले ऑनलाइन ही होंगे। मुश्रीफ ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान शिक्षकों के तबादले के लिए सॉफ्टवेयर में दोष होने की शिकायतें मिली थीं। शिक्षकों का आरोप था कि सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ होती है। इसके बाद पुणे के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। इस समिति ने बजट सत्र के दौरान रिपोर्ट पेश की थी। इसके बाद हमने सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कंपनी से संपर्क किया। जिस पर कंपनी का कहना था कि सॉफ्टवेयर बनाने के लिए दो महीने का समय लगेगा। इस कारण ऑफलाइन तबादले की अनुमति देने का फैसला किया गया है। राज्य में शिक्षकों के तबादले 31 जुलाई तक किए जा सकेंगे। 
 

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