दैनिक भास्कर हिंदी: गरीबी बनी अभिशाप - लोगों ने दादी को समझा बच्चा चोर 

April 26th, 2019

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। एक वृद्धा के लिए गरीबी अभिशाप बन गई और उसे बच्चा चोर होने का कलंक लगते - लगते बचा। इस वृद्धा का कसूर सिर्फ इतना था कि वह नंगे पैर फटे कपड़े पहिने जल्दबाजी में अपने पोते को लेकर अस्पताल में भर्ती अपने बेटे से मिलने जा रही थी। वृद्धा को यहां मदन महल के पास कुछ लोगोंं ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दरअसल वृद्धा अपने पोते को साथ में लिए थी और पोता और दादी का हुलिया एकदम विपरीत था। पोता जहां कुलीन परिवार का लग रहा था वहीं वृद्धा मजदूरों के हुलिया में थी। ऊपर से वह काफी जल्दी में तेज कदमों से जा रही थी। इन्हीं विपरीत परिस्थितियों के कारण लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस बुलाकर महिला को थाना पहुंचा दिया।

बरेला बिनेकी निवासी है महिला
घंसौर बिनेकी निवासी लता बाई केवट (50) अपने बेटे शुभम, बहू शिखा और पोते रियान (1) के साथ रहती थी। तीन दिन पहले शुभम का एक्सीडेंट होने पर उसे रद्दी चौकी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुभम की देखरेख के लिए उसकी पत्नी शिखा अस्पताल में थी। लता और रियान घर में थे।  सुबह लता पोते रियान को लेकर अस्पताल जाने के लिए बिनेकी से ट्रेन में बैठी और मदनमहल स्टेशन उतर गई। जिसके बाद वह मदनमहल चौक होते हुए छोटी लाइन फाटक जा रही थी। लता के पैर में चप्पल नहीं थी और उसकी साड़ी भी फटी हुई थी। लता की हालत देखकर रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी गोद में बच्चे को देखा और संदेह करने लगे, जिसके बाद लता को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी।

घबरा गई थी महिला
महिला को मदनमहल चौक पहुंचते ही क्षेत्रीयजन ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। महिला पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण बदहवासी में आ गई। उसने अपने बारे में जानकारी देते हुए गोद में लिए बच्चे को अपना पोता बताया लेकिन किसी ने भी उसकी बात का यकीन नहीं किया। इसी बीच लोगों ने डायल 100 को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वृद्घा से पूछताछ की। जिसके बाद महिला ने अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी दी। सभी से पूछताछ के बाद जब पुलिस और क्षेत्रीयजन को यकीन हो गया कि बच्चा महिला का ही पोता है, तो फिर उसे जाने दिया। दरअसल, महिला की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उसका पहनावा खराब था। वहीं बच्चा बहुत ही सुंदर था। यह देखकर लोगों को संदेह हुआ।
 

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