दैनिक भास्कर हिंदी: OMG : नील आर्मस्ट्रांग को दे दी कोर्टरुम में बकरा कुर्बानी की इजाजत - हाईकोर्ट नाराज

August 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बकरीद के मौके पर कुर्बानी के लिए अनुमति को लेकर मुंबई महानगर पालिका द्वारा बनाई गई ऑनलाइन व्यवस्था इस कदर हास्यस्पद बन गई है कि इसके जरिए लोगों को कोर्ट कक्ष तक में कुर्बानी की अनुमति दे दी गई। बाबें हाईकोर्ट के सामने यह मामला आने के बाद कोर्ट ने इस रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई है।

देश की सबसे समृध्दिशाली माने जाने वाली मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) कि इस व्यवस्था से खिन्न जस्टिस अभय ओक व जस्टिस रियाज छागला की बेंच ने कहा कि क्या मनपा को अपनी व्यवस्था से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी नहीं है? कोर्ट ने पूछा कि क्या इस व्यवस्था को बनाते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

यह पूरी तरह से विवेकहीनता को दर्शाता है। वह इसमें तुरंत सुधार करे। हमने पिछली सुनवाई के दौरान मनपा आयुक्त को इस मामले को देखने को कहा था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। जिसका नजीजा हमारे सामने है। बेंच के कड़े रुख को देखने के बाद मुंबई मनपा की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि वे सोमवार तक ऑनलाइन तरीके से किसी को अनुमति नहीं देंगे। वे उस सिस्टम को ब्लाक कर देंगे।

बकरीद के मौके पर खुले में कुर्बानी व ऑनलाइन तरीके से दी जा रही अनुमति को लेकर जीव मैत्री नामक ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ट्रस्ट की ओर से पैरवी कर रहे वकील सुजाय कांटावाला ने कहा कि मनपा की ओर से कुर्बानी की अनुमति के लिए अनुमति बनाई गई ऑनलाइन व्यवस्था में कई खामिया हैं। उन्होंने बताया कि जिस कोर्ट में बेंच बैठी है, वहां पर बकरे की कुर्बानी के लिए नील आर्म्स स्ट्रांग नाम के व्यक्ति को अनुमति मिल गई है।

इसी तरह एक शॉ नाम के व्यक्ति को कोर्ट में ही 5 बकरों की कुर्बानी की अनुमति दे दी गई है। कई वकीलों को उनके कार्यालय तक में कुर्बानी के लिए मनपा से आनलाईन अनुमति मिली है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि ऑनलाइन दी जानेवाली जानकारी की प्रमाणिकता को परखने वाला कोई नहीं है। जिसके मन में आता है वह ऑनलाइन आवेदन कर के अनुमति ले रहा है।

इस बीच उन्होंने बेंच को बताया कि कोर्ट के कक्ष 52 में भी कुर्बानी की अनुमति दी गई है। यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इसके भायवह परिणाम हो सकते है। यह जानकारी मिलने के बाद बेंच ने मनपा को कड़ी फटकार लगाई और मामले की सुनवाई 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

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