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 खेलते-खेलते खिड़की से गिरा डेढ़ साल का बच्चा, मौत

 खेलते-खेलते खिड़की से गिरा डेढ़ साल का बच्चा, मौत

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  नंदनवन क्षेत्र में मकान की पहली मंजिल से नीचे गिरे एक डेढ़ वर्षीय बालक की मौत हो गई। बालक का नाम मन्वये  देवेंद्र पौनिकर है।  घटना के समय मन्वये अपनी दादी, उसका बड़ा भाई और एक मजदूर के बेटे साथ घर में खेल रहा था। देवेंद्र मकान की खिड़की को ग्रिल लगाने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण मजदूर नहीं मिल रहे थे। पुलिस के अनुसार प्लाट नं.-4, शेष नगर, हुड़केश्वर निवासी देवेंद्र पौनिकर का डेढ़ वर्षीय बेटा मन्वये का खेलते समय हाथ अचानक खिड़की की स्लाइडिंग को लगा और स्लाइडिंग  सरकते ही मन्वये खिड़की से  करीब 10-12 फीट नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद परिजन तत्काल मन्वये को मेडिकल अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नंदनवन थाने के उप-निरीक्षक थोरवे ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है।

सट्टा-पट्टी अड्डे पर छापा तीन लोग गिरफ्तार
गिट्टीखदान क्षेत्र के शिवाजी चौक परिसर में चल रहे सट्टा-पट्टी अड्डे पर पुलिस ने छापा मारकर 3 सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया। अपराध शाखा पुलिस विभाग के सामाजिक सुरक्षा दस्ते ने गुप्त सूचना के आधार पर शिवाजी चाैक, गौरखेड़े कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाले मार्ग पर एक शेड के भीतर चल रहे सट्टा-पट्टी अड्डे पर छापा मारा। शेड में कल्याण नामक सट्टा-पट्टी संचालित हो रही थी। कार्रवाई में आरोपी विजय उर्फ विक्की गेडाम, हजारी पहाड़, वायुसेना नगर, बौद्ध विहार के पास गिट्टीखदान, श्रीकांत मारवे,  जुनी मंगलवारी, गंगाबाई घाट रोड और  सनी गौरखेड़े, हजारी पहाड़, निवासी को पुलिस ने धरदबोचा। तीनों आरोपी सट्टा-पट्टी का आंकडा लिखते हुए नागरिकों से खायवाड़ी कर रहे थे। आरोपियों से नकद 2420 व अन्य सामग्री सहित करीब 10,660 रुपए का माल जब्त किया गया। 

फांसी लगाने वाले व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत
एमआईडीसी क्षेत्र में एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब 10 दिन तक चले उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। मृतक का नाम बंडू महादेव पुंड है। खुदकुशी का कारण अज्ञात है। पुलिस के अनुसार जयताला, एमआईडीसी निवासी बंडू पुंड ने 12 जुलाई को शाम करीब 4.30 बजे घर में सीलिंग पंखे में नायलॉन की रस्सी बांधकर फांसी लगाई। फंदे पर लटका देखकर परिजनों ने उसे नीचे उतारा और सीधे लता मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 22 जुलाई की शाम को बंडू ने दम तोड़ दिया। एमआईडीसी पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।