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नागपुर में शीघ्र शुरू होंगी 11वीं-12वीं की ऑनलाइन कक्षाएं

नागपुर में शीघ्र शुरू होंगी 11वीं-12वीं की ऑनलाइन कक्षाएं

डिजिटल डेस्क, नागपुर ।  अनलॉक-1 के बाद अब धीरे-धीरे स्कूलों के कामकाज को पटरी पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। मार्च से स्कूल बंद हैं। नए सत्र की पढ़ाई शुरू कराना जरूरी है, इसलिए ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर दिया जा रहा है। पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और अन्य संसाधनों से अवगत कराया जा रहा है। एनसीईआरटी ने 11वीं और 12वीं कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराने के उद्देश्य से "अल्टरनेट एकेडमिक कैलेंडर' जारी कर दिया गया है। इसमें मुखत: स्मार्टफोन के जरिए पढ़ाई कराने पर जोर है। 

एसएमएस से भी पढ़ाई :सोशल डिस्टेंसिंग के दौर मंे कक्षाएं नहीं लग सकतीं। आगे कुछ समय तक पढ़ाई ऑनलाइन ही कराई जाएगी। ऐसे में एनसीईआरटी ने विद्यार्थी, पालकों और शिक्षकों को इस मुहिम में एकजुट होने की अपील की है। पढ़ाई शुरू हो, इसके पूर्व विद्यार्थियों और पालकों को इंटरनेट, वाॅट्सएप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अवगत होने के लिए कहा गया है। पढ़ाई मुख्यत: इंटरनेट के माध्यम से ही होगी। यदि विद्यार्थियों के पास यह सेवा नहीं है, तो पालकों और शिक्षकों को फोन या एसएमएस के माध्यम से संवाद साधकर पढ़ाई जारी रखने को कहा गया है।

सरकार की तैयारी
राज्य सरकार जून माह में स्कूल शुरू करने का निर्णय ले चुकी है। शिक्षा विभाग की तैयारी पहले ऑनलाइन मोड में शुरू करने की है, बाद में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कक्षाएं लगेंगी। ऑनलाइन लर्निंग के जरिए सबसे पहले शहरों में स्कूल शुरू होंगे। 

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं की कमी है। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग जिलाधिकारियों और जिला परिषद मुख्याधिकारियों से इनपुट ले रहा है। शिक्षा विभाग से जुड़े विविध वर्गों ने वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया है। 

जूनियर कक्षएं अभी शुरू नहीं होंगी
जानकारों के अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू कराने को प्राथमिकता देनी होगी, क्योंकि ये बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी कक्षाएं हैं। कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों को बाद में शुरू किया जा सकता है। पालकों की भी सोच है कि जूनियर कक्षाओं को जरा देरी से ही शुरू करना चाहिए। कई पालक अगले कुछ महीने तक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है। इसी को ध्यान में रखकर स्कूल प्रबंधन भी सितंबर के बाद से ही स्कूल शुरू होने की अपेक्षा कर रहे हैं।


 

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।