दैनिक भास्कर हिंदी: सतना जिले में 28 सौ की आबादी के बीच पुलिस का सिर्फ एक सिपाही

March 18th, 2019

डिजिटल डेस्क,सतना। क्या,आप जानते हैं...जिले में 28 सौ की आबादी के बीच मौजूदा समय में पुलिस का सिर्फ एक सिपाही है। इसी तरह जिला मुख्यालय में कानून व्यवस्था के लिहाज से औसतन 611 लोगों के बीच एक आरक्षक उपलब्ध है। स्वीकृत पदों के विरुद्ध ये रिक्त पदों की स्थिति है। मांग के लिहाज से उपलब्धता तो और भी नाकाफी है। सतना जिला मुंबई-हावड़ा रेल खंड पर स्थित विंध्य का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। एमपी-यूपी की अंतरराज्यीय सीमा के 5 थाना क्षेत्र दस्यु प्रभावित हैं। दो पवित्र शहर मैहर और चित्रकूट भी स्थित हैं। जहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालुओं का निरंतर आवागमन लगा रहता है।
पहले से ही रिक्त हैं 338 पद-
जिला पुलिस बल  के लिए महज 1 हजार 688 अधिकारियों-कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से लंबे अर्से से 338 पद रिक्त पड़े हैं।  लगभग 23 लाख की आबादी वाले सतना जिले में पुलिस के 5 अनुभाग,26 थाने और 16 पुलिस चौकियां हैं। डीएसपी के 8, इंस्पेक्टर के 30, सब इंस्पेक्टर के 115, एएसआई के 230, हेड कांस्टेबल के 338 और आरक्षकों के 958 पद स्वीकृत हैं।
स्वीकृति के बाद भी नहीं हैं 101 एएसआई-
जिले में स्वीकृत पदों की तुलना में बल की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रैफिक,अजाक और महिला सेल में जहां 3 डीएसपी नहीं हैं। वहीं  14 इंसपेक्टर,4 सब इंस्पेक्टर और सबसे ज्यादा 101 एएसआई के पद खाली पड़े हैं। हेड कांस्टेबल के 77 और हेड कांस्टेबल के 140 रिक्त पदों का भी यहां यही हाल है।
फैक्ट फाइल  (रिक्त पद)-
 डीएसपी : 3
 इंस्पेक्टर : 14
 सब इंस्पेक्टर : 4
 एएसआई :  101
 हेड कांस्टेबल : 77
 कांस्टेबल : 140 
लोकसभा चुनाव के लिए चाहिए 23 कंपनी फोर्स-
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां से 23 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स की डिमांड भेजी गई है। जिसमें से एक कंपनी सीआरपीएफ यहां पहुंच चुकी है।  उल्लेखनीय है, विधानसभा के विगत चुनाव के दौरान जिले को केन्द्रीय अद्र्धसैनिक बल की 15 कम्पनी मिली थीं। तब 700 के जिला पुलिस बल के साथ 15 सौ होमगार्डस और 2 हजार एसपीओ चुनाव ड्यूटी में लगाए गए थे। माना जा रहा है कि हालात बदलने के कारण डिमांड बढ़ी है।