दैनिक भास्कर हिंदी: बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल 14% पालकों ने दी सहमति

January 7th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना संक्रमण लोगों के दिल और दिमाग पर गहरा असर छोड़ गया है। संक्रमण भले ही कम हो गया है, लेकिन लोगों में अब भी घबराहट है। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद धीरे-धीरे विविध गतिविधियों को अनुमति दी गई। स्कूल भी खोले गए हैं। पहले चरण में नौंवीं से 12वीं की कक्षाएं लगाने की सशर्त अनुमति दी गई। स्कूल में एहतियात बरतने की हामी भरने के बाद भी पालकों का प्रतिसाद नहीं है। शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों को भेजने के लिए केवल 14.79 प्रतिशत पालकों ने लिखित सहमति दी है।

अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य
विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए पालकों की अनुमति अनिवार्य है। पालकों पर लिखित अनुमति के लिए दबाव नहीं डालने के दिशा-निर्देश है। 

20960 पालकों की सहमति
शहर की 593 स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा के 1 लाख, 41 हजार, 628 विद्यार्थी हैं। इसमें से महज 20 हजार, 960 पालकों ने विद्यार्थी को स्कूल भेजने की लिखित सहमति पत्र दिए हैं। कुल विद्यार्थी संख्या के 14.79% पालकों की सहमति मिली है। अन्य पालक अब भी कोरोना संक्रमण के डर से विद्यार्थियों को स्कूल भेजने की मन:स्थिति में नहीं है।

सख्ती नहीं कर सकते
सरकार के निर्देश है कि जो पालक स्वयं लिखित सहमति देगा, उसी विद्यार्थी को स्कूल में आने की अनुमति है। इसके लिए पालकों पर सख्ती नहीं की जा सकती। पालक का लिखित सहमति पत्र लेकर आने पर ही विद्यार्थी को स्कूल में बैठाया जा रहा है। - प्रीति मिश्रीकोटकर शिक्षणाधिकारी, महानगरपालिका

4% उपस्थिति तीसरे दिन बढ़ी
पहले दिन स्कूलों में 10% विद्यार्थियों ने हाजिरी लगाई थी। उपस्थिति का प्रमाण बढ़कर 14.73 प्रतिशत पर पहुंच गया है। दिन बुधवार को तीसरे दिन 20,869 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। पहले दिन स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या 14,097 थी। 

41% विद्यार्थी मनपा स्कूलों में
निजी स्कूलों के मुकाबले मनपा स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति का प्रमाण 3 गुना है। पहले दिन 32% यानी 1,183 विद्यार्थियों ने स्कूल में दस्तक दी थी। तीसरे दिन उपस्थिति का प्रमाण 41% हो गया। बुधवार को 1606 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। मनपा के 25 हाईस्कूल और 4 जूनियर कॉलेज में नौवीं से बारहवीं की विद्यार्थी संख्या 3,896 है। 

34 स्कूल अब भी बंद
सरकार के आदेश के बाद भी 34 स्कूल नहीं खुले। इसमें से 13 जूनियर कॉलेज सीनियर कॉलेज से अटैच है। सीनियर कॉलेज बंद रहने से जूनियर कॉलेज को नहीं खोला गया। शिक्षक, पालक सभा की अनुमति नहीं मिलने से अन्य 21 स्कूल अब भी बंद बताए गए हैं।