दैनिक भास्कर हिंदी: चेन्नई के लिए फ्लाइट कनेक्टिविटी नहीं होने से डोनेट नहीं हो पाया आर्गन

June 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। डोमेस्टिक विमान सेवा नहीं मिल पाने की वजह से दिल और फेफड़ों का प्रत्यारोपण नहीं किया जा सका। लेकिन लिवर, किडनी और कॉर्निया का सफल प्रत्यारोपण किया गया। प्रत्यारोपण की वजह से चार मरीजों को जीवनदान मिला। लिवर डोनेशन का यह शहर का चौथा सफल मामला था। नागपुर विभाग में 2013 के बाद से अब तक 33 ब्रेनडेड मरीजों से अंगों का अन्य लोगों में ट्रांसप्लांट किया गया है। 

भाई की अनुमति मिली, लिवर, किडनी और कॉर्निया दान किया
आर्वी तहसील के धनोडी बहादुरपुर निवासी सुनील शंकरराव शेराम (33) का 3 जून को किसी से झगड़ा हो गया था, जिसमें उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल सावंगी में भर्ती कराने के बाद मरीज को ब्रेन हैमरेज हो गया। 4 जून को उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया। ब्रेनडेड मरीज के भाई ने दिल, फेफड़े, लिवर, पेंक्रियाज, किडनी और कॉर्निया को दान करने की अनुमित दे दी गई थी। इसके बाद दिल और फेफड़े को राज्य, अंचल और नेशनल ऑर्गन एडं टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोटाे) को अंगों की जानकारी दी गई। इस दौरान चेन्नई में जरूरतमंद मरीज भी मिल गया, लेकिन फ्लाइट की कनेक्टिविटी नहीं होने से ऑर्गन को नहीं भेजा जा सका। 

अस्पताल को हाल ही में मिली है मान्यता 
इसके बाद लिवर सावंगी से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नागपुर के वोक्हार्ट हाॅस्पिटल में लाकर ट्रांसप्लांट किया गया। अस्पताल को हाल ही में लिवर ट्रांसप्लांट की मान्यता मिली है। एक किडनी व कॉर्निया सावंगी अस्पताल में और दूसरी ऑरेंज सिटी अस्पताल को दी गई। जोनल ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेशन कमेटी की अध्यक्ष डॉ. विभावरी दाणी, उपाध्यक्ष डॉ. वीरेश गुप्ता, समन्वयक वीना वाठोरे, हॉस्पिटल की टीम में डॉ. चंद्रशेखर महाकालकर, डॉ. संदीप इरटवार, डॉ. हेमंत देशपांडे, डॉ. अमोल सिंघम, डॉ. संजय कोलते, डॉ. अभिजीत धाले, डॉ. मनीषे बलवानी, डॉ. अमोल बावने आदि डॉक्टर शामिल थे। किडनी ट्रांसप्लांट डॉ. संदीप देशमुख, डॉ. एस. जे. आचार्य, लिवर ट्रांसप्लांट टीम में गौरव गुप्ता, डॉ. अनुराग श्रीमल, डॉ. अंजलि पत्की, डॉ. सौरभ कामत, डॉ. दिनेश झिरपे शामिल थे।