Delhi: दिल्ली में डेंगू का खतरा बढ़ा, आंकड़ा हुआ 100 पार

September 7th, 2021

हाईलाइट

  • दिल्ली में डेंगू का खतरा बढ़ा, आंकड़ा हुआ 100 पार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बारिश होने के बाद डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाने लगी है। सोमवार को जारी हुई निगम की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दिल्ली में अब तक 124 मामले डेंगू के सामने आए हैं। हालांकि, दिल्ली में डेंगू से अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

वहीं रिपोर्ट में अगस्त महीने के आकंडे दर्शाते हैं कि, इस साल अगस्त महीने के दौरान ही दिल्ली में डेंगू के 72 मामले सामने आए हैं। हालांकि सितंबर महीने के शुरूआती चार दिनों में डेंगू का एक भी मामला अब तक सामने नहीं आया है।

दूसरी ओर इस साल अब तक मलेरिया के 57 मामले और चिकनगुनिया के 32 मामले भी सामने आ चुके हैं।

रिपोट एक अनुसार, दक्षिणी निगम में अब तक कुल 39 मामले सामने आए हैं, वहीं उत्तरी निगम क्षेत्र में 21 और पूर्वी निगम क्षेत्र में 12 मरीजों के मामले दर्ज किए गए हैं।

हालांकि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में 7, दिल्ली कैंट में 1 मरीज तो वहीं 43 मरीजों के पते की पुष्टि नहीं हो सकी है।

बीते कुछ सालों में डेंगू का संक्रमण इस साल अधिक नजर आ रहा है। हालांकि सितंबर और अक्टूबर महीने में डेंगू के मामले बढ़ते ही हैं। क्योंकि बरसात का मौसम रहता है। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पानी में पैदा होते हैं, जबकि मलेरिया के मच्छर गंदे पानी में भी पनपते हैं।

हालांकि इस साल अगस्त महीने के आखिरी दिनों और सितंबर महीने की शुरुआत में जमकर बरसात हुई, जिसके कारण जल भराव की समस्या भी सामने आई। पानी इखट्टा होने के कारण ही डेंगू का खतरा ज्यादा रहता है।

यदि इस साल में अब तक मामलों की बात करें तो दिल्ली में जनवरी महीने में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया था, वहीं फरवरी में 2, मार्च में 5, अप्रैल में 10 मामले दर्ज किए गए थे।

इसके अलावा मई महीने में 12 मामले सामने आये तो जून महीने में 7 और जुलाई में 16 मामले सामने आए।

यदि हम बीते कुछ वर्षों की बात करें तो 2016 में 771 मामले सामने आये और 2017 में 829 मामले दर्ज किए गए।

वहीं इन वर्षों के मुकाबले 2018 में कुल 137 मामले ही दर्ज किए गए, वहीं 2019 में 122 और 2020 में 96 मामले सामने आए।

दरअसल डेंगू व चिकनगुनिया के मच्छर ज्यादा दूर तक नहीं जाते हैं। हालांकि जमा पानी के 50 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी हो सकती है।

 

आईएएनएस