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स्कूल बस को ओवरटेक कर रही यात्री बस पलटी, ड़ेढ दर्जन से अधिक यात्री घायल, 3 गंभीर

स्कूल बस को ओवरटेक कर रही यात्री बस पलटी, ड़ेढ दर्जन से अधिक यात्री घायल, 3 गंभीर

डिजिटल डेस्क नौगांव। झांसी रोड पर बेलगाम गति से भागती एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि यात्री बस दौरिया की तरफ से नौगांव आ रही थी। यात्री बस के आगे चल रही स्कूल बस को ओवर टेक करते समय यात्री बस क्रमांक एमपी 16 पी 0205 अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे बस में सवार करीब डेढ़ दर्जन यात्री घायल हो गए। हादसे में घायल यात्रियों को इलाज के लिए नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

बस में सवार यात्रियों ने बताया कि बस में यात्रियों की संख्या कम थी। इसके चलते बस चालक तेजी से नौगांव पहुंच कर और यात्री बस में बैठना चाह रहा था। बस जब दौरिया के पास पहुंची, उसी समय सामने स्कूल बस चल रही थी। जिसके आगे चलने के लिए बस चालक ने उसे ओवर टेक किया, तभी सामने रोड पर पड़ी गिटटी के ढेर पर बस चढ़कर पलट गई।

तीन बुजुर्ग यात्री गंभीर घायल
यात्री बस पलटने से बस में सवार गोकुल प्रसाद खरे पिता रघुवर उम्र 78 साल निवासी राठ, उनकी पत्नी हरी कुमारी खरे उम्र 75 साल, छोटे लाल रैकवार उम्र 85 साल निवासी हरपालपुर ज्यादा चोटें आईं। उन्हें तुरंत ही 108 से नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। बाकी 16 यात्री जो मामूली रूप से घायल थे, वे घर चले गए। 

बस चालक फरार
हादसे के बाद यात्री बस का चालक मौके से फरार हो गया। बस परमहंस कंपनी की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सवारी बिठाने के चक्कर में बस चालक अक्सर तेज गति से बस चलाते हैं। बेलगाम गति से भागती बसें आए दिन हादसे का शिकार हो रही हैं। परिवहन विभाग द्वारा बसों की नियमित रूप से जांच न किए जाने से बसें यात्रियों की जान के साथ खिलावड़ कर रहीं हैं।

पानी की टंकी के पास नहा रहे युवक की संदिग्ध हालात में मौत
बड़ामलहरा- नगर में पानी की टंकी के पास नहा रहे युवक की संदेहास्पद मौत हो गई। उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों आपस में मामा-भांजे बताए गए हैं। इधर अस्पताल से तहरीर मिलने पर पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम के उपरांत मामले की जांच शुरु कर दी। मोहन सिंह पिता बनारसी सिंह (20) निवासी पिपनियां जिला कैमूर बिहार व निरंजन पिता रामस्वरूप सिंह (45) निवासी जालंदा जिला कैमूर बिहार को सुबह साढ़े 10 बजे घायल अवस्था में इलाज के लिए लाया गया।

मोहन सिंह को डॉक्टर ने मृत बताया और घायल निरंजन का इलाज शुरु कर दिया। युवकों के अन्य साथी चंद्रभान सिंह ने बताया कि  निरंजन निर्माणाधीन ढावा पर गया था। वह अपने भांजे मोहन के साथ ढावा के पास जमीन में बनी पानी की टंकी के किनारे नहा रहा था। उसी समय पानी टंकी की दीवार उनके ऊपर गिरी और मलबा में दोनों दब गए।

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