दैनिक भास्कर हिंदी: एयरपोर्ट का विकास करने जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने लगाई सबसे बड़ी बोली

October 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल नागपुर के निजीकरण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनर्शिप (पीपीपी) के आधार पर विमानतल काे विकसित किया जाना है। इसमें विमानतल के डेवलपमेंट, ऑपरेशन और प्रबंधन के लिए जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने सबसे बड़ी बोली लगाई। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल नई दिल्ली एवं राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल हैदराबाद भी जीएमआर की सूची में हैं, जिसमें उसने काम किया है।

2019 में शुरू होगा काम
जीएमआर हवाईअड्डे के बिजनेस चेयरमैन जीबीएस राजू ने कहा कि नागपुर विमानतल की सबसे बड़ी बोली लगाने वाले के रूप में हम सामने आए हैं। हम विमानतल को विकसित करने और वैश्विक मानकों को अपग्रेड करने के लिए तत्पर हैं। इससे विदर्भ क्षेत्र की आर्थिक क्षमता में बढ़ोतरी होगी। वहीं जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक सिद्धार्थ कपूर ने कहा कि हम सारी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए उत्सुक हैं और 2019 में कार्य की शुरुआत करने की उम्मीद करते हैं। इस मौके पर उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कार्य पूर्ण करने का भी उन्होंने विश्वास दिलाया।

कैबिनेट में होगा निर्णय
उल्लेखनीय है कि  महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में मिहान इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) ने मार्च 2018 में नागपुर हवाई अड्डे का निजीकरण करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें विमानतल परियोजना में आधुनिकीकरण, संचालन, विमानतल का 30 साल तक रख-रखाव, एक नए टर्मिनल के निर्माण के साथ ही अन्य कार्य शामिल थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसमें दो बोलीदाता पात्र हुए। इसमें जीएमआर व जीवीके कंपनी ने अपनी बोलियां जमा करवाईं थीं। इसमें जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड की सबसे अधिक बोली दर्ज की गई। यह प्रक्रिया सरकार को सुपुर्द करने के बाद  कंपनी के सारे दस्तोवजों की जांच होगी और कैबिनेट में निर्णय लिया जाएगा। सारे प्रोसेस पूरे होने के बाद कंपनी विकास कार्य के लिए आगे बढ़ सकती है।

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