दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर से अमरावती सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल भेजे जा रहे मरीज

April 10th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या अब अकेले नागपुर से नहीं झेली जा रही है। इसलिए अमरावती के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बेड आरक्षित किए गए हैं। इतना ही नहीं, गुरुवार को तो यहां से 12 कोविड मरीजों को अमरावती भेजा गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे ने कहा कि जिले के काटोल, कामठी, वलनी, कन्हान, मौदा व भिवापुर में ऑक्सीजन वाले बेड की व्यवस्था होगी। यह काम प्राथमिकता में है। 2-3 दिन में यह सुविधा मुहैया होगी।  

जिलाधिकारी ने कहा कि जिनका ऑक्सीजन लेवल 90 से 94 है, उन्हें काटोल, कामठी, वलनी, कन्हान, मौदा व भिवापुर में भर्ती किया जाएगा। ऑक्सीजन लेवल 90 से कम होने पर मेयो या मेडिकल अस्पताल भेजा जाएगा। कोरोना रोगियों के लिए मेयो, मेडिकल व एम्स के अलावा शालिनीताई मेघे हॉस्पिटल, लता मंगेशकर हॉस्पिटल व निजी अस्पतालों में बेड की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की तरफ से बेड बढ़ाने की कोशिश जारी है। 

24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम : ग्रामीण के रोगियों को परेशानी न हो, इसलिए जिलाधिकारी कार्यालय व हर तहसील कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय का कंट्रोल रूम 24गुना7 खुला रहेगा। 0712-2562668 या 1077 पर संपर्क कर मदद ली जा सकती है। यहां अधिकारी तैनात रहेंगे आैर मार्गदर्शन से लेकर मदद पहुंचाने तक का काम करेंगे।

बेवजह न निकलें बाहर : जिलाधिकारी ने कहा कि शनिवार व रविवार को जिले में संपूर्ण लॉकडाउन है। इसलिए कोई घर से बाहर न िनकले। अस्पताल, दवा दुकानें व जीवनावश्यक सेवा ही जारी रहेगी।  उन्होंने आह्वान किया कि सर्दी, बुखार, बदन दर्द, स्वाद जाना, गंध न आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना टेस्ट करनी चाहिए। ‘मी जवाबदार’ इस मुहिम पर सभी को अमल करना है। शहर के साथ ही ग्रामीण में भी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 

6  लाख लोगों का हुआ टीकाकरण 
पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत ने कहा कि बेड की संख्या बढ़ाने की कोशिश जारी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित समिति की बैठकें चल रही हैं। लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। करीब  6  लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है।  

एक महीने तक शनिवार, रविवार बंद रहेगी नागपुर जिले की सफारी
अगले एक महीने तक नागपुर जिले की जंगल सफारी हर शनिवार-रविवार बंद रहेंगी। इसमें पेंच, बोर व्याघ्र प्रकल्प, उमरेड-पवनी करांडला जंगल सफारी शामिल हैं। सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 6 से 10 की जगह 7 से 11 तक सफारी शुरू रहेगी। एक जिप्सी में केवल 3 लोगों को बैठने की अनुमति है। शनिवार व रविवार को जंगल सफारियों को 30 अप्रैल तक बंद रखा गया है।