भ्रष्टाचार की खुली पोल: फर्जी कंपनी के नाम टेंडर निकालकर कर दिया बिलों का भुगतान

January 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, अमरावती। मनरेगा अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में अमरावती जिला न केवल राज्य बल्कि संपूर्ण देश में अन्य जिलों की तुलना काफी बेहतर है। किंतु जिला रोहियो विभाग अंतर्गत सामने आए एक भ्रष्टाचार के मामले में जिले में मनरेगा योजना की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला रोहियो अधिकारी राम लंके द्वारा जिलाधीश को सौंपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अचलपुर सर्कल में एक फर्जी कंपनी को काम उपलब्ध कराते हुए उसके नाम पर बिलों के भुगतान कराए गए हैं। इसको लेकर रोहियो अधिकारी श्रीराम लंके की ओर से जांच की सिफारिश भी की गई है। जानकारी के अनुसार जिला रोहियो विभाग ने वर्ष 2019 में 2 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से चांदुर बाजार, धारणी और चिखलदरा की 58 ग्राम पंचायतों में बागीचे विकसित करने, तालाबों की निर्मिती व कुआं खुदाई के कार्य सौंपे थे। 

इन कार्यों के लिए कुल 4 कंपनियों को ठेका दिया गया था। इनमें से केवल 3 कंपनियों ने ही अपना काम पूरा किया। जबकि एक कंपनी ने बिना काम किए ही अपने बिल मंजूर करवा लिए। जब इसके कार्यों की समीक्षा की गई। तब पता चला कि जिस कंपनी को बिलों का भुगतान किया गया है, वह कंपनी अस्तित्व में ही नहीं है। 
विधा कन्स्ट्रक्शन नामक कंपनी को 84 लाख रुपए के बिलों का भुगतान किया गया है। यह बिल ग्राम िवकास अधिकारी के मंजूरी के बाद जिप वित्तीय विभाग में भेजे गए थे। जिप की ओर से आरटीजीएस क माध्यम से संबंधित ठेकेदार के खाते में यह रकम जमा की गई है। फिलहाल मामले में प्रशासन द्वारा अधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है। केवल यह बताया गया है कि जिलाधीश की ओर से इस मामले में जांच समिति गठित की जाएगी। जांच के बाद पूरे मामले का लेखाजोखा सामने आ सकेगा। 

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
पहली नजर में भ्रष्टाचार व भारी अनियमितता दिखाई दे रही हैं। किंतु अधिकारिक रूप से जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। जिलाधीश को इस बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। श्रीराम लंके, जिला रोहियो अधिकारी