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सरकार से फ्री में मिला अनाज बेच रहे लोग, कमा रहे मुनाफा

सरकार से फ्री में मिला अनाज बेच रहे लोग, कमा रहे मुनाफा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकारी अनाज की सार्वजनिक रूप से हो रही खरीदी-बिक्री को खाद्यान्न विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस पर शिकंजा कसने की तैयारी विभाग कर रहा है। राशन दुकान से मिला अनाज सार्वजनिक रूप से खरीदना या बेचना दोनों गैरकानूनी है आैर पकड़े जाने पर दोनों पर कार्रवाई हो सकती है। विभाग ने इस तरह के मामलों की जानकारी देने का आह्वान नागरिकों से किया है। गरीब व्यक्ति अनाज से वंचित न रहे, इसलिए सरकार हर महीने मुफ्त में चावल व गेहूं वितरित कर रही है। राशन कार्ड पर अनाज के तय कोटा से अतिरिक्त 5 किलो अनाज  प्रति व्यक्ति दिया जा रहा है। मुफ्त अनाज वितरण का सिलसिला नवंबर तक जारी रहेगा। कई लोगों के पास सरकारी अनाज का स्टॉक जमा होने से कुछ लोग इसे खरीदे बस्तियों में पहंुच रहे हैं और लोग भी बेफिक्र होकर सरकारी अनाज बेच रहे हैं। 

10 रुपए में खरीद कर 15 में बेचते हैं
ऑटो से बस्तियों में पहुंचकर 10-12 रुपए किलो के भाव से चावल खरीदा जाता है। बाद में यही चावल 15 रुपए के भाव से दुकानों में बेच दिया जाता है। कुछ खरीदार इस चावल के साथ अच्छी गुणवत्ता का चावल मिलाकर बस्ती-बस्ती घूमकर उसे ज्यादा दाम पर बेचते हैं। 

अनाज खाने के लिए दिया गया है, बेचने के लिए नहीं 
कोरोनाकाल में जरूरतमंद भूखे न रहें, इसलिए सरकार की तरफ से मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। अनाज पेट भरने के लिए दिया जा रहा है, न कि बेचने के लिए। सरकारी अनाज बेचना या खरीदना गैरकानूनी हैै। सरकारी अनाज के खरीदारों की सूचना लोगों ने विभाग को देनी चाहिए। विभाग कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस की भी मदद ली जाएगी।
-अनिल सवई, खाद्यान्न वितरण अधिकारी, नागपुर  
 

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