comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

शराब दुकान का शटर बंद होते ही लोगों का हंगामा

शराब दुकान का शटर बंद होते ही लोगों का हंगामा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महल किला रोड स्थित एक वाइन शॉप पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आईं। कई लोग बगैर मास्क पहने शराब खरीदने के लिए दुकान पर पहुंचे। दोपहर 3 बजे के बाद शराब खरीदारों की भीड़ इकट्ठा हो गई। दुकान का शटर डाउन करने पर बाहर खड़े लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस पहुंची। दुकान पर भारी भीड़ जुटने से परिसर के लोग भी दहशत में आ गए। इस दुकान से होम डिलिवरी के अलावा दुकान से भी शराब की बिक्री की गई। पुलिस की मौजूदगी में लोग इकट्ठा होते रहे, जब  पुलिस के जवान  वहां से चले गए, तो भीड़ दुकान के पास जमा हो गई। संचालक दुकान के भीतर था। शटर डाउन करने से भीड़ नाराज हो गई और हंगामा करने लगी। लोग तुरंत शराब देने की मांग कर रहे थे। जब माहौल शांत नहीं हुआ, तो कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आधा घंटे बाद पहुंची। भीड़ को शांत किया।  इसके बाद दुकान संचालक बाहर आया आैर शाम को दुकान बंद कर दी गई। राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने सीधे दुकान से शराब बिक्री व लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगाई है। नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान पर कार्रवाई करने की बात गाइडलाइन में है। 

5 लाख 70 हजार 500 रुपए का मिला राजस्व

 
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने शराब पीने, रखने व परिहवन करने के लिए रविवार तक आैर 602 परमिट जारी करने की जानकारी दी।  इससे 5 लाख 70 हजार 500 रुपए का राजस्व विभाग को प्राप्त हुआ है। इसके पूर्व 359 परमिट जारी हुए थे, जिससे 4 लाख 90 हजार का राजस्व मिला था। जिले में 15 मई से शराब बिक्री जारी होने के साथ ही शराब पीने के लिए जरूरी परमिट बड़ी संख्या में जारी हो रहे हैं। शनिवार से रविवार तक आजीवन 567 व वार्षिक 35 परमिट जारी हुए। परमिट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को शहर में 83 वाइन शॉप, 49 बियर शॉपी से  शराब बिक्री हुई। ग्रामीण में 163 देसी शराब दुकान, 88 वाइन शॉप व 56 बियर शॉपी से शराब बिक्री हुई। 

जांच के बाद कार्रवाई

 दुकान का शटर खोलने की अनुमति नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना है। दुकान से शराब बेचना मना है। भीड़ जमा होने से कोरोना संक्रमण का खतरा रहता है। पूरे मामले की जांच होगी आैर जरूरी कार्रवाई भी होगी। 

कमेंट करें
oKJfI
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।