दैनिक भास्कर हिंदी: सीधे उठा ले जाएंगे कहीं से भी वाहन, सरकारी आदेश की अनदेखी करना पड़ सकता है महंगा

March 18th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। गुजारिश-पत्र व सूचना-पत्र पर प्रतिसाद नहीं देने वाले जिले के 90 विभागों को जिला प्रशासन की तरफ से अपराध दर्ज करने संबंधी पत्र दिया गया है। इन विभागों के वाहन अब जहां दिखाई देंगे, वहीं से उठाने की प्रशासन की तैयारी है। बाधा पहुंचाने वाले पर सीधा एफआईआर दर्ज किया जाएगा। 

पहले दिए गए थे गुजारिश-पत्र
याद रहे जिला प्रशासन ने जिले के डेढ़ सौ से ज्यादा सरकारी, अर्धसरकारी व सार्वजनिक उपक्रमों एवं कंपनियों को चुनाव ड्यूटी के लिए वाहन जमा करने संबंधी पत्र दिए थे। इन विभागों को पहले गुजारिश-पत्र दिए गए। इसके बाद सूचना पत्र देकर वाहन जमा करने को कहा गया। उचित प्रतिसाद नहीं देने वाले जिले के 90 विभागों व कार्यालयों को अपराध दर्ज करने संबंधी पत्र दिए गए। इन विभागों के वाहन अब जिला प्रशासन के व्हेकिल सेक्शन की टीम अपने कब्जे में लेगी। इस टीम में पुलिस व आरटीओ के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। ये वाहन कहां जाते हैं और कहां पार्क होते हैं, इसकी जानकारी जिला प्रशासन के पास उपलब्ध है। जिला प्रशासन की टीम संबंधित स्थानों पर जाएगी। रास्ते पर ये वाहन दिखाई देने पर वहीं से कब्जे में लिए जाएंगे। जिला प्रशासन को 740 चार पहिया वाहनों की जरूरत है। अब तक 210 वाहन जमा हो चुके हैं। सरकारी वाहनों से कोटा पूरा नहीं होने पर निजी एजेंसियों से वाहन किराए पर लिए जाएंगे। इस संबंध में ट्रैवल्स एजेंसियों से चर्चा हो चुकी है। 

जीपीएस से लैस वाहनों में भेजेंगे ईवीएम मशीन
जानकारी के अनुसार, ईवीएम मशीनें जीपीएस सिस्टम से लैस वाहनों से ही संबंधित पोलिंग स्टेशन तक पहुंचेंगे। फिलहाल सभी मशीनें कलमना में गोदाम में हैं। जिला प्रशासन की तरफ से ईवीएम मशीनें विधानसभा स्तर तक पहुंचाई जाएंगी। वहां से मशीनें हर पोलिंग स्टेशन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी की होगी। पुलिस बंदोबस्त में ईवीएम मशीनों की ट्रांसपोर्टिंग होगी। कलमना से संबंधित स्थान तक ईवीएम मशीनें कितने समय में पहुंचनी चाहिए, इसका समय भी निश्चित किया गया है। इससे ज्यादा समय होने पर संबंधित अधिकारी को जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कारणों का खुलासा करना पड़ेगा। 

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