मुरुम चोरी: बगैर रॉयल्टी मुरुम का उत्खनन कर सरकारी तिजोरी पर करोड़ों का डाका

December 1st, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। हिंगना हिंगना और नागपुर ग्रामीण तहसील मुरुम माफियाओं का अड्डा बना हुआ है। मुरुम का बगैर रॉयल्टी उत्खनन कर करोड़ों रुपए का डाका सरकार की तिजोरी पर डाला जा रहा है। बूटीबोरी एमआईडीसी से सटे क्षेत्र में बुटीबोरी के मुरुम माफियाओं द्वारा दिन-रात लाखों ब्रास मुरुम की चोरी का सिलसिला जारी है। चोरी के मुरुम का आसपास चल रहे निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन राजस्व अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करने से मुरुम माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं।

सरकारी पहाड़ी जमीन से हो रही मुरुम चोरी
एक ब्रास मुरुम के लिए राजस्व विभाग में 650 रुपए रॉयल्टी भरना पड़ता है। एक 6 पहिया ट्रक में 4 ब्रास मुरुम की रॉयल्टी 2600 रुपए और दस पहिया ट्रक में 6 ब्रास मुरुम की रॉयल्टी 3900 रुपए होती है, जो सरकार की तिजोरी में जाती है। हिंगना तहसील के मौजा मेटाउमरी, मोहगांव, संगम, मड़वा, किन्हाला, घोड़ेगाट आदि स्थानों पर निजी और सरकारी जमीन पर मुरुम की चोरी माफिया कर रहे हैं। सूचना देने के बाद भी राजस्व विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से कतराते हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

वन विभाग की अनुमति अनिवार्य 
हिंगना जंगल बोर अभयारण्य के अंतर्गत आने वाला रिजर्व वन क्षेत्र है। जंगल से लगी निजी जमीन पर उत्खनन करने के पूर्व वन विभाग की अनुमति अनिवार्य है। वन विभाग के दिशानिर्देश का पालन करना अनिवार्य है। उत्खनन से हुआ गड्‌ढा वन्य प्राणियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। तार का कंपाउंड भी नहीं डाला जा सकता। नियम के अनुसार गड्‌ढे में गिरने से वन्य जीवों की मौत होने पर खेत मालिक और उत्खनन करने वाले पर हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

लगाने के बजाय उखाड़ फेंके पेड़
मुरुम चोरी के लिए सरकारी और निजी जमीन पर लगे सागवान आदि पेड़ों की अवैध कटाई कर मुरुम चोरी की जा रही है। किसी को मुरुम और गिट्टी का उत्खनन कर ले जाने की अनुमति दी जाती है, तो उसमें साफ लिख दिया जाता है कि वहां जो पेड़ है उसे बगैर अनुमति नहीं काटा जाएगा। नए पेड़ लगाए जाने के आदेश भी दिए जाते हैं, लेकिन दिशानिर्देश का उल्लंघन कर पेड़ उखाड़ कर फेंके जा रहे हैं। नए पेड़ों के लिए पौधारोपण भी नहीं किया जाता।

सक्रिय हैं मुरुम माफिया
हिंगना तहसील के मौजा संगम अंतर्गत आउटर रिंग रोड के किनारे स्थित सरकारी पहाड़ी जमीन से पिछले कई महीनों से मुरुम चोरी की जा रही  है। जेसीबी और पोकलेन से खुदाई कर लाखों ब्रास मुरुम की चोरी की जा चुकी है। चोरी के मुरुम का उपयोग निजी व शासकीय विकास कार्य में किया जा रहा है। मौजा संगम, मेटाउमरी, मोहगांव की पहाड़ियों से मुरुम चोरी करने वालों में कैलाश, सकोरे, चेतन नामक मुरुम माफिया सक्रिय हैं। लाखों ब्रास की मुरूम चोरी कर करोड़पति बन चुके हैं। रोजाना एक खदान पर 20-25 ट्रकों से मुरुम चोरी करने का सिलसिला जारी है।   

नियम का उल्लंघन, दिन-रात खुदाई
नियम के अनुसार मुरुम और गिट्टी की खुदाई दिन में ही की जा सकती है। सूरज डूबने के बाद और उगने से पहले मुरुम का उत्खनन नहीं किया जा सकता, लेकिन हिंगना तहसील में मुरुम माफिया दिन-रात उत्खनन कर रहे हैं।