अमरावती: लक्ष्य से 30 फीसदी भी नहीं हुआ पौधारोपण

November 15th, 2021

डिजिटल डेस्क, अमरावती। पर्यावरण की रक्षा के उद्देश के साथ ही जंगल क्षेत्र में बढोतरी किए जाने की महत्वकांक्षा के साथ राज्य सरकार द्वारा वनविभाग के जरिए जंगल परिसर के आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम चलाए जा रहे थे। हर वर्ष करोड़ों पेड़ लगाए जाने का दावा भी वनविभाग की ओर से किया जाता था। लेकिन दुर्भाग्यवश कोरोना संक्रमण के बाद से ही यह कार्य रुका हुआ है। इस वर्ष डेढ़ करोड नए पौध लगाने का लक्ष्य रखा गया था। किंतु वर्ष 2021 में अब तक लक्ष्य के 30 प्रतिशत भी पौधे नहीं लगाए जा सके।   जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में 1 करोड़ 47 लाख नए पौधों को लगाने और उनकी रक्षा किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन वर्ष की शुरुआत में ही कोरोना संक्रमण का आगमन होने की वजह से राज्य सरकार द्वारा सख्त लॉकडाऊन की घोषणा कर दी गई और इसके साथ ही अलग-अलग कार्यो के लिए उपलब्ध कराई जानेवाली अनुदानित राशि में भी कटौती कर दी गई। जिससे वनविभाग के लिए भी इस कार्यक्रम को चलाना काफी मुश्किल हो गया। 

जुलाई के बाद अलग-अलग चरणों में सामान्य हुई स्थिति के बाद भी अमरावती जिले में यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में ही दिखाई दे रही है। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों से बात किए जाने पर पता चला कि  वनविभाग के पास निधि का अभाव होने की वजह से योजना को रोक दिया गया है। पौधारोपण कार्यक्रम में मजदूरो की जरुरत बड़े पैमाने पर होती है। फिलहाल उन मजदूरों को दिए जाने के लिए पैसे नहीं है और यही वजह है कि पूर्व में लगाए गए पौधो की देखभाल किए जाने में भी वनविभाग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  अमरावती जिले में वनविभाग की ओर से कोर जंगलों से सटे बफर जोन में पौधारोपण किया जाता है। ताकि वन्य प्राणियों को भविष्य में अधिक क्षेत्र उपलब्ध कराया जा सके। जिले के जंगलो में कई तरह के दुर्लभ प्राणि मौजूद है। जिनमें तेंदुआ, बाघ, जंगली भैसे सहित कई प्राणियों का समावेश है।
 

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