दैनिक भास्कर हिंदी: युवाओं ने किया नया प्रयोग, रक्तदान के तुरंत बाद खेला क्रिकेट, महसूस नहीं हुई कमजोरी

August 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, शहडोल। रक्तदान महादान है। रक्तदान से न केवल दूसरों की जान बचाई जा सकती है बल्कि डोनेट करने वाले का स्वास्थ्य बेहतर होता है। रक्तदान के समय यह भ्रांति कि इससे शरीर में कमजोरी आती है, थकान लगती है आदि को दूर करने के लिए नगर के युवाओं ने नवाचार की शुरुआत की। सामाजिक संस्था जय हो व अन्य युवकों ने रक्तदान के बाद तुरंत क्रिकेट खेलकर पसीना बहाते हुए संदेश दिया कि ऐसा कुछ नहीं होता। अपने प्रत्येक जन्म दिन पर साथियों के साथ ब्लड डोनेट करने वाले जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल व 20 अन्य लोगों ने शिविर लगाकर रक्तदान किया। रविवार को पांडवनगर स्थित शासकीय बालिका छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित किया गया। रक्तदान करने के बाद मैदान में सभी ने क्रिकेट का आनंद लिया।

बच्चियों को बताया रक्तदान का महत्व
कार्यक्रम के दौरान छात्रावास की बच्चियों को रक्तदान कैसे करें और उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मौजूद सिविल सर्जन डॉ. उमेश नामदेव ने रक्तदान के विशेषताओं के बारे में बताया। जय हो संस्था के शाद अहमद ने कहा कि 18 वर्ष के बाद कोई भी रक्तदान कर सकता है। हर तीन महीने बाद रक्त दान किया जा सकता है। डॉ. हथगेल ने बताया कि इससे शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। बल्कि रक्त निकलने के बाद शरीर में नया खून और तेजी से बनता है।

इन्होंने किया रक्तदान
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुधा नामदेव के निर्देशन में स्टाफ के सहयोग से शिविर लगाया गया। जिसमें डॉ. सुनील हथगेल, डॉ. सीमा हथगेल, डॉ. अविनाश चतुर्वेदी, शाद अहमद, अंकुश गुप्ता, विपिन चौरसिया, तरनुम, बृजमोहन पटेल, प्रमोद विश्वकर्मा, संतोष कुमार मिश्रा, राहुल सचदेव, जतिन हथगेल, केेके शुक्ला, मनोज द्विवेदी, जियाउद्दीन, संजय शुक्ला, डॉ. हरीश गुप्ता, पवन पाण्डेय, रवि साहू, ओमप्रकाश पटेल तथा सहायक वार्डन श्रीमती श्रद्धा सिंह व मंजू ने रक्तादान किया। रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र का वितरण कराया गया। शिविर में डॉ. शिल्पी सराफ के साथ हॉस्टल वार्डन जानकी मिश्रा आदि का सहयोग रहा।

जन्म दिन पर बच्चियों ने रोपे पौधे
छात्रावास में निवासरत जिन बालिकाओं का जन्म दिन था उनको बधाई स्वरूप साथी बालिकाओं ने परिसर में पौधे रापे। जय संस्था के लोगोंं ने भी उनका साथ निभाया। बालिकाओं ने संकल्प लिया कि हर जन्म दिन पर पौधे लगाएंगी। साथ ही उनका संरक्षण करेंगी। बच्चियों को पौध रोपण का महत्व बताया गया।