दैनिक भास्कर हिंदी: पीएम ने नागपुर को मिलने वाली ऑक्सीजन में कटौती की- पटोले

April 30th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना संकट को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि, नागपुर व विदर्भ में संकट को लेकर भाजपा के कुछ नेता बढ़-चढ़कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। वास्तविकता यह है कि, केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री के भेदभाव भरे व्यवहार पर कोई आवाज नहीं उठा रहा है। नागपुर में भिलाई से ऑक्सीजन मिलने के निर्धारित कोटे में प्रधानमंत्री ने कटौती की। उस पर भी यहां का कोई नेता नहीं बोला। पटोले ने कहा कि, घरों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए।

पाक को इंजेक्शन भेज रहे, राज्यों पर ध्यान नहीं
गुरुवार को ‘दैनिक भास्कर’ से चर्चा में पटोले ने कहा-केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 4.38 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन के वायल देने का वादा किया था। 29 अप्रैल तक 2.38 लाख वायल ही उपलब्ध हो पाए हैं। पाकिस्तान को केंद्र सरकार इंजेक्शन भेज रही है, लेकिन राज्यों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

श्रेय लेने का प्रयास 
नागपुर और विदर्भ में केवल श्रेय लेने  का प्रयास किया जा रहा है। भिलाई से नागपुर को नियमित तौर से 110 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिलती थी। केंद्र सरकार ने वितरण का अधिकार अपने अधीन कर लिया। उसके बाद से नागपुर को भिलाई से प्रतिदिन 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही सप्लाई हो पा रही है। बांबे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने भी कहा है कि, नागपुर को प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है। भाजपा के नेता केंद्र सरकार तक नागपुर की बात ही नहीं पहुंचा पा रहे हैं। 

वैक्सीन को लेकर भाव में भेदभाव
पटोले ने यह भी कहा कि, वैक्सीन को लेकर भाव में भेदभाव है। केंद्र को कंपनी जो इंजेक्शन 150 रुपए में देगी उसी के लिए राज्यों को 400 रुपए चुकाने पड़ेंगे। महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य के मामले में केंद्रीय सत्ता से जुड़े लोग आवाज क्यों नहीं उठाते हैं। नागपुर में प्रतिदिन औसतन 7 हजार से 8 हजार कोविड संक्रमित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इतनी ही संख्या में घरों में उपचार लेते हैं। घरों में उपचार ले रहे मरीजों तक मदद बढ़ाने की आवश्यकता है। भंडारा की सनफ्लैग व वर्धा की एक कंपनी के पास जम्बो कोविड सेंटर बनाने का प्रयास चल रहा है। ऑक्सीजन की उपलब्धता वाले परिसर में इस तरह के सेंटर तत्काल खुलवाने का प्रयास महाविकास आघाड़ी सरकार कर रही है।